लखनऊ। मानकनगर के मेहंदी खेड़ा में पड़ोसियों की प्रताड़ना से तंग आकर परचून दुकानदार वीरू यादव (44) ने सोमवार देर रात जहरीला पदार्थ खा लिया। मंगलवार तड़के इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
वीरू ने छह पन्ने के सुसाइड नोट में मानकनगर थाने के बीट इंचार्ज पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। एसीपी कृष्णानगर विकास पांडेय के मुताबिक परिजनों ने तहरीर दी है। केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
नीलम के मुताबिक कुछ दिनों से उनके पति वीरू काफी परेशान थे। सुसाइड नोट के मुताबिक उनके पड़ोस में रहने वाले सुरजीत सिंह यादव ने काफी पहले मकान तोड़कर उसे बनवाने के लिए मदद मांगी। गली में रहने वाले सभी लोगों ने मंजूरी दे दी। आरोप है कि निर्माण पूरा होने के बाद सुरजीत ने नाली पड़ोसी नरेंद्र के दरवाजे के सामने से निकाल दी, जिसका नरेंद्र की पत्नी ने विरोध किया। नरेंद्र के नाली तोड़ने पर उसका वीडियो बनाकर पुलिस से शिकायत की गई। पुलिस ने नरेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। बाद में दरवाजे के सामने गेट लगाने देने की शर्त पर मुकदमा वापस लेने की बात कही।
आरोप है कि इसके बाद सुरजीत जीने का रैंप बनाने के लिए वीरू पर दबाव डालने लगा। इसका विरोध करने पर वह वीरू और उनके घरवालों को परेशान कर रहा था। सुसाइड नोट में वीरू ने सुरजीत पर मोहल्ले के 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आरोप लगाया है। वीरू ने बीट इंचार्ज पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
पोस्टमार्टम के बाद वीरू का शव घर पहुंचा तो परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। वे शव रखकर प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस पहुंची। परिजन कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस ने किसी तरह उन्हें शांत करवाया और फिर शव का अंतिम संस्कार किया गया। एसीपी का कहना है कि जांच में आरोप सही मिलते हैं तो केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई होगी। वीरू के परिवार में पत्नी नीलम, एक बेटी व एक बेटा है।
वीरू यादव की फाइल फोटो। मानकनगर में प्रदर्शन करते वीरू के परिजन।
वीरू यादव की फाइल फोटो। मानकनगर में प्रदर्शन करते वीरू के परिजन।
वीरू यादव की फाइल फोटो। मानकनगर में प्रदर्शन करते वीरू के परिजन।
वीरू यादव की फाइल फोटो। मानकनगर में प्रदर्शन करते वीरू के परिजन।
वीरू यादव की फाइल फोटो। मानकनगर में प्रदर्शन करते वीरू के परिजन।