परीक्षा देकर बाहर निकलते अभ्यर्थी।
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भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) उत्तर प्रदेश की ओर से प्रहरी पद के लिए रविवार को लिखित परीक्षा का आयोजन हुआ। इसके लिए लखनऊ में 104 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इन परीक्षा केंद्रों पर चार लाख 845 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से दो लाख 91 हजार 474 अभ्यर्थियों ने प्रवेश पत्र डाउनलोड किए तथा 54 फीसदी ने परीक्षा दी। वहीं प्रदेश में इसके लिए कुल 735 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
वहीं, सहारनपुर में भर्ती परीक्षा में भी साल्वर गैंग सक्रिय हुआ। साल्वर गैंग ने अभ्यर्थी के स्थान पर साल्वर बैठाकर परीक्षा दिलाने का ठेका ले लिया। जीआरपी ने रेलवे स्टेशन से साल्वर गैंग के छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनमें एक परीक्षार्थी भी शामिल है। आरोपियों के पास से पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड, फर्जी प्रवेश पत्र एवं फोटो बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में चार लोग बागपत निवासी हैं।
बागपत का रहने वाला है गैंग लीडर
जीआरपी प्रभारी अशोक कुमार सिसौदिया ने बताया कि बागपत के ग्राम पुसार का रहने वाला नीरज साल्वर गैंग का लीडर है। जबकि मनीष गाड़ी का चालक है। तरुण दहिया अभ्यर्थी है और उसने खुद ही अपना फर्जी प्रवेश पत्र साल्वर के नाम से तैयार किया है। जबकि सुमित, रोहित और महेंद्र साल्वर हैं।
डेढ़-डेढ़ लाख रुपये में हुआ सौदा
जीआरपी प्रभारी अशोक कुमार सिसौदिया ने बताया कि नीरज ने एफसीआई की परीक्षा के लिए फर्जी तरीके से परीक्षा साल्व कराने के बदले प्रति परीक्षार्थी से डेढ़ लाख रुपये में सौदा तय किया था। कुछ धनराशि अग्रिम वसूल की है।
व्हाट्सएप से कर रहे थे संपर्क
जीआरपी प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि पूछताछ में गैंग लीडर नीरज ने बताया कि उसने व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए परीक्षार्थियों से संपर्क किया और परीक्षा अपने गिरोह से साल्व कराने की बात व्हाट्सएप मेसेज में कही गई है।