लखनऊ। किशोरी की हत्या के बाद शव के छह टुकड़े कर उसे छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस में रखने के मामले में जीआरपी को अहम सफलता मिली है। फुटेज में मिले संदिग्ध की पहचान कर उसे हिरासत में लिया गया है। छानबीन में पता चला कि पिता ने ही बेटी की हत्या कर शव के टुकड़े किए थे।
जीआरपी ने कुशीनगर के सेवरही निवासी ई रिक्शा चालक बिग्गन अंसारी को हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार, बिग्गन ने अपनी 15 वर्षीय बेटी शब्बा की हत्या की थी। शब्बा दूसरे समुदाय के एक युवक से फोन पर बात करती थी। बिग्गन ने उसे युवक से दूर रहने के लिए कहा था। कई चेतावनी के बाद भी शब्बा युवक के संपर्क में बनी रही। इससे बिग्गन बहुत नाराज था। उसे लगता था कि उसकी बेइज्जती हो रही है। सूत्रों के अनुसार, आरोपी की दो बेटी पहले भी कहीं चली गई थी। उसे डर था कि शब्बा भी उसी रास्ते पर चली जाएगी।
आरोपी ने साजिश के तहत पांच दिन पहले पत्नी और दोनों बेटों को रिश्तेदार के घर भेज दिया। घर पर शब्बा और बूढ़ी मां रह गईं। 16 मई को बिग्गन ने पडरौना के खिरकिया निवासी बहन नूरजहां, बहनोई मजबुल्लाह को बुलाया और शब्बा की हत्या की साजिश में शामिल किया। देर शाम घर में ही शब्बा की हत्या की और बहन-बहनोई की मदद से उसने धारदार हथियार से शव के टुकड़े कर दिए। सिर गांव के तालाब में फेंक दिया। शव के बाकी हिस्से को पुराने कपड़े और प्लास्टिक में लपेटकर बक्से में रखा। फिर तीनों ई रिक्शे से तमकुहीरोड स्टेशन पहुंचे। वहां छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच एस-1 में बक्से को रख दिया। शव रखने के बाद तीनों साथ लगे एसी कोच से बाहर निकले। इस दौरान सभी उसमें लगे कैमरे में कैद हो गए।
इसी फुटेज की मदद से आरपीएफ आरोपी तक पहुंची। सख्ती से पूछताछ के बाद बिग्गन ने जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर गोताखोरों की मदद से तालाब से कटा सिर और हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद किए गए।
मां और पड़ोसियों को नहीं लगी भनक
बिग्गन ने सुनियोजित तरीके से घर में वारदात को अंजाम दिया। पड़ोसियों की बात तो दूर बिगन की घर में मौजूद 90 वर्षीय मां सादिया को भी इसकी भनक नहीं लगी। मंगलवार की शाम को पुलिस गांव पहुंची तो पड़ोसियों को वारदात की जानकारी हुई। पड़ोसियों ने बताया कि बिगन किसी से बहुत ज्यादा मतलब नहीं रखता था। सुबह ई रिक्शा लेकर चला जाता था और शाम को घर लौटता था।
बेटे के कैंसर के इलाज से तनाव में रहता था आरोपी
गांव वालों ने बताया कि बिग्गन की तीन बेटियां और दो बेटे हैं। बड़ा बेटा नौ साल का और दूसरा बेटा छह साल का है। बड़े बेटे को कैंसर है। पुश्तैनी जमीन बेचकर उसके इलाज का खर्च उठाया। इससे वह तनाव में रहता था।
चार किमी तक बेटी के शव के साथ किया सफर
आरोपी पिता ई रिक्शा में बेटी का शव रखकर कर घर से करीब चार किमी दूर तमकुहीरोड रेलवे स्टेशन पहुंचा। वारदात के बाद चेहरे पर बिल्कुल खौफ नहीं दिखा। घर में मौजूद बुजुर्ग मां के पूछने पर बताया था कि शब्बा अपनी मां के पास गई है।
यह है मामला
17 मई को गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर बोगी में बक्से के भीतर किशेारी के शव के पांच टुकड़े मिले थे। सिर गायब था। ट्रेन 15114 छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस गोमतीनगर स्टेशन पर रविवार सुबह पहुंची तो मामले की जानकारी हुई थी।