मृत पिता को कागजों पर जिंदा दिखाकर और उनकी जगह रुपये देकर दूसरे शख्स को पेश कर लंबे समय तक पेंशन लेने के मामले में वसूली का नोटिस जारी किया गया है। पिता के निधन के बाद बेटे ने जितने महीने की पेंशन ली होगी, उतनी रकम रिकवरी के रूप में जमा करनी होगी। ऐसा न करने पर विभाग कानूनी कार्रवाई करेगा।
तेलीबाग निवासी प्रेम शंकर तिवारी माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। कुछ वर्ष पहले उनकी मौत हो गई। इसके बावजूद बेटा आलोक पेंशन लेता रहा। जब भी सत्यापन हुआ तो उसने एक शख्स को पिता के रूप में पेश कराया। इसके एवज में उसे कुछ रुपयों का भुगतान किया था।
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इस फरवरी में जब सत्यापन प्रक्रिया के दौरान वह शख्स पेश हुआ तो अफसरों को शक हुआ। दस्तावेज में लगी फोटो से मिलान किया गया तो पता चला कि ये प्रेम शंकर तिवारी नहीं है। जांच में पता चला कि प्रेम शंकर का काफी समय पहले निधन हो चुका है। तब मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। अब उसमें आलोक तिवारी को रिकवरी का नोटिस जारी हुआ है।
आखिर अब तक एफआईआर क्यों नहीं?
पेंशन विभाग में दो वर्षों में घपले के कई मामले उजागर हुए। पहले लेखाकार गबन में फंसी। फिर एक लेखाकार रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार हुईं। एक मामले में पेंशनधारक की मौत के बाद भी पेंशन जाती रही। हैरानी यह है कि अब तक इस मामले में एफआईआर नहीं दर्ज कराई गई है, जबकि पुख्ता तौर पर फर्जीवाड़ा किया गया। अफसरों का कहना है कि रिकवरी न होने पर केस दर्ज कराएंगे।