प्रदेश सरकार ने अमरोहा, झांसी, गोरखपुर, मुरादाबाद, शामली व श्रावस्ती को छोड़कर सभी जिलों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू कर दी है। इन जिलों में इसे रबी फसलों से लागू करने का फैसला हुआ है।
नई योजना में न सिर्फ किसानों के नुकसान के आकलन की प्रक्रिया सरल की गई है बल्कि भुगतान को भी समयबद्ध और सीधे बैंक खाते में करने का प्रावधान किया है। साथ ही गांव और निजी स्तर पर किसानों के नुकसान पर मुआवजे का प्रावधान किया गया है।
नुकसान को चार श्रेणियों में बांटकर क्षतिपूर्ति की व्यवस्था हुई है। पहली श्रेणी में प्रतिकूल मौसम के कारण बुआई न होने और दूसरी श्रेणी में फसलों को कटाई से पहले दैवीय व प्राकृतिक आपदा, रोगों के कारण होने वाले नुकसान को शामिल किया है।
तीसरी ओलावृष्टि, भू-स्खलन, बाढ़ और चौथी श्रेणी खलिहान में रखी फसलों को नुकसान की भरपाई के लिए बनाई है। योजना का लाभ खरीफ की फसलों में धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, मूंगफली, उर्द, मूंग, तिल, अरहर, सोयाबीन और रबी में गेहूं, चना, मटर, मसूर, लाही-सरसों और आलू की फसलों पर मिलेगा।