रायबरेली। किसानों को खाद, बीज नहीं मिल पा रहा है। उपज का दाम भी सही नहीं है। इसे लेकर विकास भवन में किसानों ने धरना दिया। केंद्र सरकार ने मांग की गई कि किसानों की समस्याओं का निस्तारण कराया जाए। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया गया।
हिन्दुस्तान समाज पार्टी की अगुवाई में सोमवार को विकास भवन में किसानों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। किसानों की पंचायत हुई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला किसानों ने हिस्सा लिया। बताया गया कि जिले में डीएपी खाद और बीज नहीं मिल रहा है। इससे गेहूं की फसल की समय से बोआई नहीं हो पा रही है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अंबरीश मिश्र ने कहा कि किसानों की उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य पांच हजार रुपये किया जाए। किसानों को बिजली पानी मुफ्त दी जाए। एक वर्ष तक किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज मुक्त ऋण दिया जाए। कर्ज से दबे किसानों को कर्ज माफ कर सरकार किसानों की मदद करे। कहा गया कि किसान की आकस्मिक मौत होने पर परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए।
डीएपी, यूरिया, पोटाश, उन्नतिशील बीज और यंत्र पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाए। केंद्र सरकार से मांग की गई कि किसानों के कल्याण के लिए किसान आयोग का गठन हो। कहा कि यदि सरकार न चेती तो बड़ा आंदोलन होगा। इस मौके पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राघवेंद्र पांडेय, किसान नेता लालता प्रसाद शुक्ला, चौधरी रामसजीवन सिंह, दयाशंकर चौधरी, अजय बाजपेई, आदित्य बाजपेई, अशोक अवस्थी आदि मौजूद रहे।