उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे पुलिस कर्मियों और राजस्व विभाग के लोगों को गांव-गांव भेजकर लोगों को चिन्हित करें कि वे किसान आंदोलन में हिस्सा तो नहीं लेने वाले हैं? शासन स्तर से इसके लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है। सभी वरिष्ठ अधिकारियों को एक-एक जिले की जिम्मेदारी दी गई।
शासन की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि यह अधिकारी संबंधित जिलों में किसान संगठनों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान करें। जिले के प्रमुख किसान नेताओं की सूची तैयार करें और इन नेताओं से संवाद स्थापित करने के लिए जिले के अधिकारियों को लगाया जाए।
अधिकारियों को तीन दिन के अंदर रिपोर्ट देने और कार्ययोजना तैयार करने के लिए कहा गया है।