मलिहाबाद। रहीमाबाद के तरौना गांव निवासी किसान कमलेश यादव (60) मंगलवार शाम बेहता नाला पार करते समय डूब गए। देर रात तक घर नहीं लौटने पर बेटे अनिल और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। नाले के किनारे उनकी चप्पलें मिलीं, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला।
इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने बताया कि कमलेश रोजाना गांव से करीब 500 मीटर दूर स्थित बेहता नाला पार कर खेत से चारा लेने जाते थे। मंगलवार शाम करीब पांच बजे चारा लेकर वह तैरकर लौट रहे थे। ग्रामीण राकेश ने उन्हें नाले के पास देखा था लेकिन बाद में वह अपनी भैंस देखने चले गए। इससे डूबने की सही जगह का पता नहीं चल सका।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों को बुलाया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद रात 11 बजे कमलेश का शव नाले से बरामद कर लिया गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कमलेश की पत्नी संगीता की करीब 18 वर्ष पहले सांप के काटने से मौत हो गई थी।
इससे पहले 27 सितंबर को बाकीनगर निवासी मुफीद (35) की भी बेहता नाले में डूबने से मौत हुई थी। पुलिस ने ग्रामीणों से बेहता नाले, नदी और तालाबों से दूर रहने की अपील की है। (संवाद)
कमलेश यादव की फाइल फोटो।