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Lucknow News: बच्ची की मौत मामले में अफसर कार्रवाई तो दूर, जांच कमेटी तक नहीं बना सके

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लखनऊ। दुबग्गा के एक निजी अस्पताल में वेंटिलेटर से हटाकर बच्ची को दूसरे अस्पताल में रेफर किए जाने के मामले में लापरवाही के आरोपों के बाद भी अधिकारी अब तक कोई कार्रवाई या जांच कमेटी गठित नहीं कर पाए हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अधिकारियों की अस्पताल से सांठगांठ है। वहीं, नर्सिंग होम के नोडल अधिकारी डॉ. एपी सिंह ने कहा है कि कमेटी गठित कर जांच की जाएगी और दोनों पक्षों के बयान के आधार पर कार्रवाई होगी। हालांकि, यह कमेटी कब तक बनेगी, इसका वह जवाब नहीं दे सके।
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यह मामला हरदोई के संजीत अवस्थी से जुड़ा है, जिनकी दो वर्षीय बेटी काव्या को बुखार आने पर हरदोई जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर किया गया था। एक निजी एंबुलेंस दलाल उन्हें 20 अक्तूबर को दुबग्गा के तुलसी हॉस्पिटल ले गया, जहां से बच्ची श्री कृष्णा चिल्ड्रेन हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया।

परिजनों का आरोप है कि 23 अक्तूबर की रात एक दूसरे बच्चे को भर्ती करने के लिए काव्या को वेंटिलेटर से हटा दिया गया, जिसके बाद उसे रक्तस्राव होने लगा। हंगामे पर 14 घंटे बाद बच्ची को दोबारा वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। पिता संजीत के अनुसार, अस्पताल प्रशासन ने जबरन बच्ची को निजी मेडिकल कॉलेज रेफर किया, जहां इलाज का खर्च ज्यादा बताया गया। इसके बाद केजीएमयू ले जाते समय रास्ते में बच्ची की मौत हो गई। पिता ने निजी अस्पताल के खिलाफ लापरवाही की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, तीन दिन बीतने के बाद भी सीएमओ कार्यालय से कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के चलते पिता ने अधिकारियों पर सांठगांठ का आरोप लगाया है।
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