ड्यूटी के दौरान घायल होने की वजह से लंबे समय से कोमा में पड़े अराजपत्रित श्रेणी के पुलिसकर्मियों के परिवारों को पूरा वेतन या आसाधारण पेंशन दिया जाएगा। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने इस बाबत प्रस्ताव तैयार कराकर मंजूरी के लिए शासन को भेज दिया है।
डीजीपी का मानना है कि अपराधियों व डकैतों के साथ मुठभेड़ के अलावा ड्यूटी के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल होने पर बहुत से पुलिसकर्मी कोमा में चले जाते हैं।
लंबे समय तक कोमा में रहने की वजह से उनके सारे अवकाश समाप्त हो जाते हैं। इससे उन्हें वेतन मिलना बंद हो जाता है। इसका सीधा असर उनके परिवार पर पड़ता है और उन्हें आर्थिक संकट से गुजरना पड़ता है।
इसके मद्देनजर डीजीपी ने उप्र पुलिस आसाधारण नियमावली-1975 के मुताबिक अराजपत्रित श्रेणी के पुलिसकर्मियों को कोमा में रहने के दौरान उनके परिवार को आसाधारण पेंशन या पूरा वेतन दिए जाने का प्रस्ताव तैयार कराया है। डीजीपी ने प्रस्ताव में जुलाई-2009 हुई घटना में घायल आगरा के सिपाही जितेंद्र सिंह के कोमा में रहने का हवाला भी दिया है।