रामकोट में गुरुवार देर रात कमरे की छत ढहने से दो सगे भाइयों समेत चार लोगों की मौत हो गई। जबकि तीन लोग घायल हो गए। इनमें से दो की हालत नाजुक बनी हुई है। दोनों का लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। मरने वालों में दो मामा व दो भांजे हैं। ये लोग ननिहाल में रहकर पढ़ते थे।
तालगांव थाना क्षेत्र के कैमहरा निवासी सर्वेश के बच्चे प्रियांशु (7), नैमिष (5), राखी (9) अपने नाना रामकोट के ग्राम गोकुलपुर निवासी बंशीलाल के घर पर रहकर पढ़ाई करते थे। गुरुवार रात भोजन करने के बाद तीनों बच्चे छत पर बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। कुछ देर बाद नाना बंशीलाल के पुत्र सीताराम (21), राम सहारे (12), सियाराम (15) तथा बंशीलाल के भाई इतवारी लाल का पुत्र मोनू (15) भी पढ़ने आ गए। इस बीच देर रात अचानक छत भरभराकर ढह गई।
इससे छत पर मौजूद मामा-भांजे मलबे में दब गए। उधर, शोर सुनते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर दबे हुए लोगों को बाहर निकाला। लेकिन तब तक प्रियांशु, नैमिष के अलावा उनके मामा राम सहारे व सीताराम की दबकर मौत हो चुकी थी।
जबकि सर्वेश की पुत्री राखी, बंशीलाल के पुत्र सियाराम व इतवारी लाल का पुत्र मोनू गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार के लोगों ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां से डॉक्टरों ने मोनू व सियाराम को नाजुक हालत में लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया।