लखनऊ। महानगर स्थित भाऊराव देवरस अस्पताल के महिला वार्ड में बड़ा हादसा बच गया। वार्ड के बेड नंबर तीन के ऊपर लगा फॉल्स सीलिंग का एक बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर गिर गया। गनीमत रही कि उस समय बेड पर नवजात शिशु के साथ लेटी प्रसूता बाल-बाल बच गई।
फॉल्स सीलिंग गिरने की आवाज से वार्ड में अफरातफरी मच गई, जिसके बाद आननफानन में सभी मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर इस वार्ड को बंद कर दिया गया। घटना शनिवार को सुबह आठ बजे हुई थी, मगर दो दिनों तक अस्पताल प्रशासन इस पर पर्दा डालने में जुटा रहा। घटना की जानकारी न तो उच्चाधिकारियों को दी गई और न ही हादसे के कारणों की जांच कराई गई।
घटिया निर्माण से सुरक्षा खतरे में
मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों का आरोप है कि ठेकेदार और अफसरों की साठगांठ से अस्पताल में घटिया गुणवत्ता की फॉल्स सीलिंग लगाई गई है। वर्तमान में कई अन्य वार्डों में भी यह उखड़ रही है। सीलन के कारण प्लास्टर भी झड़ रहा है। बार-बार शिकायत के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों ने सुध नहीं ली।
गर्मी में पानी का भी संकट
सुरक्षा के साथ ही अस्पताल की ओपीडी में भीषण गर्मी के बावजूद ठंडे पेयजल की व्यवस्था नहीं है। इलाज के लिए आने वाले सैकड़ों मरीज और उनके तीमारदार बाजार से महंगी बोतलें खरीदने को मजबूर हैं।
Iमामले की जांच कराई जा रही है। जांच में गड़बड़ी के आरोप की पुष्टि हुई तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- डाॅ. रंजीत, सीएमएसI