आशीष कुमार गुप्ता नाम के शिक्षक लखनऊ के फैजाबाद रोड और इंदिरानगर स्थित कॉलेज के साथ ही छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के कटरा औरैया स्थित महाविद्यालय में पढ़ाने के लिए अनुमोदित हैं। लविवि और कानपुर विवि की वेबसाइट पर मौजूद ब्यौरे के अनुसार शिक्षक का नाम, पिता का नाम तथा उनकी जन्मतिथि भी एक ही है। एक शिक्षक एक साथ तीन जगह कैसे पढ़ा रहा है, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
केस-2
लखनऊ विवि से जुड़े इंदिरानगर स्थित महाविद्यालय की वेबसाइट की सूचना के अनुसार डॉ. उजमा अफाक यहां की शिक्षिका हैं। ये छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर से संबद्ध उन्नाव स्थित महाविद्यालय की भी शिक्षिका हैं, जबकि नियम इसकी कतई इजाजत नहीं देते हैं।
केस-3
अनुराधा पांडेय को लखनऊ विवि से सहयुक्त सरोजनी नगर स्थित महाविद्यालय का शिक्षक बताया जा रहा है। लविवि की वेबसाइट पर मौजूद सूची इसकी पुष्टि भी कर रही है। यही शिक्षक कानपुर देहात के रूरा स्थित महाविद्यालय की शिक्षक भी हैं। यह महाविद्यालय छत्रपति शाहूजी महाराज कानपुर से संबद्ध है।
एक साथ कई कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में ड्यूटी करने वाली अनामिका शुक्ला जैसे मामले लखनऊ विवि से जुड़े कालेजों में भी हैं। एक शिक्षक कई महाविद्यालयों में नियुक्त दिखाया जा रहा है। उच्च शिक्षा उत्थान समिति ने लविवि कुलसचिव के पास इसकी पूरी सूची उपलब्ध कराई है। इसको लेकर पहले भी शिकायत भी की जा चुकी है, पर लखनऊ यूनिवर्सिटी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कर पाया है।