पेपरमिल कॉलोनी में किराये का कमरा लेकर फर्जी अंकपत्र व प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह का राजफाश कर महानगर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। हालांकि, सरगना पकड़ से दूर है। आरोपी विभिन्न कॉलेज और विश्वविद्यालयों के जाली अंकपत्र बनाकर बेचते थे। पकड़े गए आरोपी के पास से लैपटॉप, प्रिंटर, पेपर कटिंग मशीन और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।
इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार मिश्र के मुताबिक पकड़ा गया आरोपी बिहार के हसनपुरा सिवाह निवासी राम प्रकाश वर्मा है। मुख्य आरोपी व सरगना मथुरा निवासी मनीष प्रताप सिंह उर्फ मांगे राम भाग निकला। सरगना अनैतिक देह व्यापार में भी संलिप्त रहा है। आरोपी पर कई थानों में केस दर्ज हैं। पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। मनीष राम प्रकाश से कंप्यूटर ऑपेरटर का काम करवाता था। राम प्रकाश वर्तमान में इंदिरा नगर में रह रहा था। इंस्पेक्टर के अनुसार मनीष की तलाश में टीमें गठित की गई हैं।
छूटने के बाद फिर से शुरू कर दिया फर्जीवाड़ा
इंस्पेक्टर ने बताया कि गिरोह का सरगना पूर्व में जाली अंकपत्र बनाने के आरोप में जेल भेजा गया था। हालांकि, छूटने के बाद फिर से फर्जीवाड़ा शुरू कर दिया। आरोपी ने कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की है।