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नकली निकला सीजीएचएस में आपूर्ति होने वाला इंजेक्शन

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नकली निकला अस्पतालों में आपूर्ति होने वाला इंजेक्शन, मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ केस की तैयारी
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सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) के तहत राजधानी के अस्पतालों में आपूर्ति होने वाला इंजेक्शन नकली निकला है।
अब संबंधित मेडिकल स्टोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी चल रही है। वहीं, इंजेक्शन जहां-जहां भेजा गया है, वहां भी पड़ताल होगी।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने 24 अप्रैल को अमीनाबाद की दवा मार्केट में छापामारी की थी।
बेसमेंट में स्थित सहारा मेडिकल स्टोर के कर्मचारियों ने मालिक के नहीं होने की बात बताई। वे लाइसेंस भी नहीं दिखा सके थे।
जांच में पता चला कि मेडिकल स्टोर का मालिक मेरठ निवासी जाहिद खान है। उसका एक मेडिकल स्टोेर विकासनगर में भी है। सिर्फ इसका ही पंजीकरण मिला।
टीम ने करीब सात लाख 81 हजार की दवाएं सील की थीं। वहीं, तीन सैंपल जांच को भेजे थे। इस दौरान पता चला था कि सहारा मेडिकल स्टोर से बड़ी संख्या में सीजीएचएस के तहत लोकल पर्चेज में दवाओं की आपूर्ति होती है।
नमूनों की 30 अगस्त को रिपोर्ट आई है। इसमें बैच नंबर एफ 00907 का डेका- 200 इंजेक्शन का सैंपल फेल पाया गया।
राजकीय जन विश्लेषक प्रयोगशाला से मिली रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि इंजेक्शन के सॉल्ट अधोमानक है।
हालांकि संबंधित बैच की दवाएं अभी तक किसी दूसरे मेडिकल स्टोर पर नहीं पाई गई हैं। ड्रग इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार ने बताया कि डेका-200 इंजेक्शन मरीजों को ताकत के लिए लगाया जता है।
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दवा में होने वाले सॉल्ट की पुष्टि इंजेक्शन में नहीं हुई है। स्टोर संचालक के खिलाफ एक रिपोर्ट पहले दर्ज कराई गई थी। अब इंजेक्शन के नकली निकलने में दूसरी रिपोर्ट दर्ज होगी।
ऐसे होती है सीजीएचएस में सप्लाई
राजधानी में सीजीएचएस के तहत करीब 25 हजार मरीज पंजीकृत हैं। इनके लिए राजधानी में छह वेलनेस सेंटर हैं। इन सेंटरों को सहारा मेडिकल स्टोर दवाएं उपलब्ध कराता रहा है। खास बात यह है कि सीजीएचएस के तहत सेवानिवृत्त अधिकारियों, कर्मचारियों आदि को दवाओं की आपूर्ति की जाती है। इस योजना में पंजीकृत अस्पतालों को दवाएं आपूर्ति करने के लिए टेंडर होता है।
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चल रही मामले की पड़ताल
अपर निदेशक, एफएसडीए, रमाशंकर ने बताया कि मामले की पड़ताल चल रही है। छापामारी के बाद कोर्ट से अनुमति लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अब लैब की रिपोर्ट के आधार पर दूसरी रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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