लालपुर जलालपुर गांव में एक क्लीनिक पर चल रहे जाली नोट बनाने के धंधे की सूचना पर पुलिस, स्वाट और एसएसटी की टीम ने शनिवार को छापेमारी की।
मौके से एक फर्जी चिकित्सक व उसके सगे भाई अपना दल के बौद्धिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
दोनों के पास से 94 हजार 640 रुपये के जाली नोट और 30 हजार रुपये के अर्द्धनिर्मित नोट समेत जाली नोट बनाने के उपकरण बरामद हुए। पुलिस ने केस दर्ज कर दोनों भाइयों को जेल भेज दिया है।
फखरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम लालपुर जलालपुर निवासी युवक सलमान बाजार में दो हजार रुपये का नोट लेकर पहुंचा था। उसने जियाउद्दीन के किराने की दुकान पर नोट दिया। दुकानदार ने शक होने पर तत्काल पुलिस को सूचित किया।
एसपी जुगुल किशोर के निर्देश पर किराने की दुकान पर पकड़े गए युवक से पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि उसे गांव में क्लीनिक चला रहे डॉ. रिजवान अहमद ने दो हजार का जाली नोट देकर पांच सौ रुपये का सामान खरीदने और बाकी पैसे वापस करने को कहा था।
इस पर सीओ सिटी अतुल कुमार यादव की अगुवाई में स्वाट टीम के प्रभारी नवीन कुमार मिश्रा, एसएसटी के निरीक्षक केके यादव, फखरपुर एसओ अजीत वर्मा और महिला एसओ मंजू पांडेय ने छापेमारी शुरु की।
पुलिस टीम ने डॉ. रिजवान और बगल में मेडिकल स्टोर चला रहे उसके भाई कामरान अहमद की दुकानों पर छापेमारी की तो यहां से पुलिस को कम्प्यूटर, मॉनीटर, स्कैनर, सीपीयू, यूपीएस, कीबोर्ड, माउस आदि सामान मिला। मौके से 94 हजार 640 रुपये के जाली नोट और 30 हजार रुपये के अधबने नोट मिले।
बरामद जाली नोट में दो हजार, पांच सौ, सौ, पचास, दस, पांच रुपये के नोट शामिल हैं। एसपी जुगुल किशोर ने बताया कि पकड़ा गया डा. रिजवान और उसका भाई क्लीनिक और मेडिकल स्टोर की आड़ में जाली नोट की फैक्ट्री का संचालन कर रहे थे। एसपी ने बताया कि कामरान अपना दल के बौद्धिक प्रकोष्ठ का जिलाध्यक्ष भी है। उन्होंने गिरोह का खुलासा करने वाली टीम को पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने की भी घोषणा की।