लखनऊ। फैजुल्लागंज क्षेत्र की करीब पांच लाख की आबादी को जल्द ही अपने इलाके में ही बेहतर चिकित्सकीय सुविधा मिल सकेगी। अब तक इलाज के लिए निजी क्लीनिकों या दूर स्थित जिला अस्पताल पर निर्भर रहने वाले स्थानीय निवासियों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने लगभग 22 करोड़ रुपये की लागत से एक नया अस्पताल तैयार कराया है। हालांकि, बिल्डिंग हैंडओवर की प्रक्रिया इसी माह पूरी होनी थी, लेकिन कार्यदायी संस्था ने अंतिम चरण के कार्यों को निपटाने के लिए एक माह की अतिरिक्त मोहलत मांगी है।
फैजुल्लागंज में फिलहाल मरीजों को भर्ती करने की कोई सरकारी सुविधा नहीं है। स्थानीय पीएचसी केवल प्राथमिक स्तर तक ही सीमित हैं। ऐसे में लखनऊ उत्तरी के विधायक डॉ. नीरज बोरा ने दाऊदनगर में 100 बेड का अस्पताल खोलने के लिए मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजा था और दो एकड़ से अधिक जमीन भी उपलब्ध कराई थी। शासन ने फिलहाल यहां 50 बेड के अस्पताल की मंजूरी दी, जिसका निर्माण वर्ष 2024 में शुरू हुआ था।
तय योजना के अनुसार, कार्यदायी संस्था को 31 मार्च तक अस्पताल हैंडओवर करना था, लेकिन अब यह प्रक्रिया अप्रैल के दूसरे या तीसरे हफ्ते तक पूरी होने की उम्मीद है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा जा चुका है। शासन से नियुक्तियां होते ही अस्पताल में मरीजों का इलाज शुरू हो जाएगा।
बीमारी के लिहाज से संवेदनशील है इलाका
स्वास्थ्य की दृष्टि से फैजुल्लागंज अति संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। यहां हर साल संक्रामक बीमारियां पैर पसारती हैं। कुछ वर्ष पूर्व डेंगू के प्रकोप के दौरान यहां 50 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने अन्य बीमारियों को इसका कारण बताया था। ऐसे में इस अस्पताल के शुरू होने से क्षेत्र के लाखों लोगों को समय पर और सस्ता इलाज मिलने की बड़ी उम्मीद जगी है।
निर्माणाधीन अस्पताल।
निर्माणाधीन अस्पताल।