सरोजनीनगर। सरोजनीनगर के अमौसी स्टेशन रोड स्थित गंगाविहार में शनिवार शाम जिस चार मंजिला फूड फैक्टरी में आग लगी वह अवैध थी। इसके मालिक ने एनओसी नहीं ली थी।
बिना एनओसी के ही सालों से फैक्टरी चल रही थी। सीएफओ मंगेश कुमार ने इसकी पुष्टि की है। फैक्टरी में लगी आग में मालिक अखिलेश और कर्मचारी अबरार की जान चली गई।
वेल्डिंग के दौरान निकली चिंगारी से लगी आग ने थोड़ी देर में पूरी फैक्टरी को चपेट में ले लिया। छत पर रखे केमिकल और ऑक्सीजन टैंक फटने लगे। धमाकों से पड़ोसियों के मकानों की खिड़कियों के शीशे चटक गए। आग ने फैक्टरी के बाहर खड़ी अखिलेश की कार को भी चपेट में ले लिया।
दमकलकर्मी पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझा सके। अखिलेश व अबरार के अंदर फंसे होने की जानकारी पर स्मोक एग्जॉस्ट से धुआं निकालकर दमकलकर्मी अंदर दाखिल हुए। इस बीच एसडीआरएफ जवान भी पहुंच गए। इसके बाद पुलिस की मदद से शव निकाले जा सके।
फूड फैक्टरी के आसपास कई दुकानें और मकान हैं। आग से पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। फैक्टरी से निकलने वाला धुआं दूर तक दिखाई दे रहा था। आग के चलते आसपास के दुकानदारों ने दुकान बंद कर दीं। लोग घरों से निकल आए। मौके पर पहुंची पुलिस ने फैक्टरी के पास मौजूद तमाशबीनों को दूर हटाया। लोग तीन घंटे तक दहशत में रहे।
एसीपी अमित कुमावत ने बताया कि फैक्टरी मालिक अखिलेश के बेटे ऋतिक ने जानकारी दी कि पिता की पहले रस्क बनाने की फैक्टरी थी। कारोबार में नुकसान होने के चलते उन्होंने डेढ़ साल पहले फैक्टरी बंद कर दी थी। तीन दिन पहले ही फैक्टरी में बेकरी प्रोडक्ट बनाने का काम फिर से शुरू कराया था। यहां केक, रस्क आदि खाद्य पदार्थ बनाए जा रहे थे।
सीएफओ मंगेश कुमार और एफएसओ सरोजनीनगर दो गाड़ियों और टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। दमकल कर्मी दो भागों में बंटकर आग पर काबू पाने की कोशिश करने लगे। आग और विकराल होती गई तो फायर स्टेशन हजरतगंज, आलमबाग, चौक और पीजीआई से भी 12 गाड़ियां बुलाई गईं। एक टीम हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म पर चढ़कर छत तक पहुंची। दूसरी टीम नीचे बचाव कार्य कर रही थी।