लखनऊ में रेलवे व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे प्रयासरत हैं। छोटे रेलवे स्टेशनों को विकसित कर कर बड़े स्टेशनों पर लोड घटाने की योजना पर काम चल रहा है।
आलमनगर, ट्रांसपोर्टनगर, उतरेटिया, मानकनगर आदि स्टेशनों पर करीब ढाई सौ करोड़ से विकास कार्य कराए जाने की उम्मीद है। उत्तर रेलवे का चारबाग रेलवे स्टेशन व पूर्वोत्तर रेलवे का लखनऊ जंक्शन ए-1 श्रेणी के स्टेशन हैं। यहां करीब डेढ़ लाख यात्रियों का रोजाना आना-जाना होता है।
शहर के बड़े स्टेशन होने के कारण यहां सर्वाधिक भीड़ रहती है। जबकि राजधानी के ये बड़े स्टेशन मानकनगर, आलमनगर, ट्रांसपोर्टनगर, उतरेटिया, ऐशबाग, बादशाहनगर, सिटी, डालीगंज, गोमतीनगर, मल्हौर आदि छोटे स्टेशनों से घिरे हुए हैं।
ऐसे में रेलवे प्रशासन ने चारबाग व लखनऊ जंक्शन पर यात्रियों का लोड कम करने की कार्ययोजना बनाई और इसके तहत छोटे स्टेशनों को विकसित करने का खाका तैयार किया गया है। इससे एक ओर जहां चारबाग में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सकेगा।
बढ़ सकती है रकम
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वहीं यात्रियों को उनके घर के पास मौजूद स्टेशनों से ट्रेन पकड़ने की सुविधाएं मिल सकेंगी। पहले चरण में रेलवे प्रशासन छोटे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को बढ़ाने पर फोकस कर रहा है। जबकि ट्रेनों के स्टॉपेज, उनकी संख्या बढ़ाने आदि का काम अगले चरणों में होगा।
रेल प्रशासन के मुताबिक छोटे स्टेशनों पर ढाई सौ करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च की जाएगी। यह रकम बढ़ भी सकती है। चूंकि, चेयरमैन रेलवे बोर्ड अश्विनी लोहानी ने हाल ही में चारबाग रेलवे स्टेशन व गोमतीनगर स्टेशन को दो साल में अत्याधुनिक बनाने का दावा किया है।
लिहाजा उससे पहले छोटे स्टेशनों का कायाकल्प करने का लक्ष्य है। छोटे स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा को बढ़ाया जाएगा। इसमें फुटओवर ब्रिज, एस्केलेटर, लिफ्ट, आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों, वाटर वेंडिंग मशीनों, वेटिंग रूम, एसी लाउंज सहित पैसेंजरों की सेफ्टी व सिक्योरिटी के काम जरूरत के अनुसार कराए जाएंगे।
लूप लाइन से सीधे कानपुर जाएंगी ट्रेनें
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चारबाग व लखनऊ जंक्शन पर पैसेंजरों का लोड कम होने से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है। दरअसल, कानपुर रोड की ओर से आने वालों को ट्रांसपोर्टनगर, मानकनगर, आलमनगर स्टेशन से सुविधाएं मिलेंगी।
वहीं वृंदावन योजना व पीजीआई की ओर के पैसेंजरों को उतरेटिया से राहत मिलेगी। कमोबेश गोमती पार के पैसेंजरों को बादशाहनगर व गोमतीनगर स्टेशन बड़ी राहत देंगे। गोरखपुर की ओर से आने वाली ट्रेनों को कानपुर रूट पर जाने के लिए लखनऊ जंक्शन आना पड़ता था।
जहां इंजन की रिवर्सिंग के बाद उन्हें कानपुर रूट पर भेजा जाता था। पर, ऐशबाग से मानकनगर के बीच लूप लाइन के बन जाने से अब ट्रेनों को सीधे कानपुर रवाना किया जा सकेगा। इससे ट्रेनों को बेवजह लखनऊ जंक्शन नहीं भेजना पड़ेगा।