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फैबुलस फैब: बुला रही है नवाबों की जमीं

Sat, 18 Jan 2014 06:01 PM IST
नीरज 'अंबुज'/अमर उजाला, लखनऊ
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गुलाबी ठंड और संस्कृति का अनूठा मिलन इस बार आपको फरवरी में देखने को मिलेगा। एक ओर जहां मौसम की कंपकंपाहट खुशगवारी बिखरेगी, वहीं सांस्कृतिक आयोजनों की फेहरिस्त आपको देश व समाज के मुद्दों से रूबरू कराएगी। फरवरी में साहित्यिक सम्मेलनों से लेकर नाट्य समारोह तक कई आयोजन हो रहे हैं, जिसमें एक से बढ़कर फनकार मौजूद रहेंगे। शुरूआत ‘अमर उजाला’ और लखनऊ सोसाइटी की ओर से साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाले ‘लखनऊ लिटरेरी फेस्टिवल’ से होगी। जिसमें साहित्य के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों के रंग भी शामिल होंगे। इसके बाद सनतकदा का लखनऊ फेस्टिवल 2014 कैसरबाग बारादरी और अवध जिमखाना क्लब में होगा। फिर संस्कार भारती का बहुभाषीय नाट्य समारोह रायउमानाथ बली प्रेक्षागृह में चलेगा।
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लखनऊ लिटरेरी फेस्टिवल, अनूठी होंगी शामें

‘अमर उजाला’ व लखनऊ सोसाइटी की ओर से लखनऊ लिटरेरी फेस्टिवल का आयोजन साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में होगा। जो 1 फरवरी से शुरू होगा। इस दो दिवसीय साहित्यिक सम्मेलन की थीम ‘मुंशी नवल किशोर’ रखी गई है, जिसमें हिन्दी, इंग्लिश उर्दू, अवधी, फारसी और संस्कृत पर विशेष फोकस रहेगा। जिसमें 10 देशों से तकरीबन 100 डेलीगेट्स आएंगे। सम्मेलन में 15 से ज्यादा किताबों का विमोचन, विभिन्न साहित्यिक व सामाजिक मुद्दों पर पैनल डिस्कशन व वर्कशॉप होंगी। सम्मेलन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रहेगी। पहली फरवरी को बिरजू महराज की शिष्य नतालिया हिंडलर का कथक। कवि सम्मेलन, जिसमें देशभर के वरिष्ठ कवि शामिल होंगे। जबकि 2 फरवरी को दास्तानगोई व गज़ल संध्या आयोजित होगी। इसके अलावा बच्चों और युवाओं की एक्टिविटीज भी होंगी।

तारीख: 1 व 2 फरवरी
स्थान: साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर।
एंट्री: नि:शुल्क
विशेष आकर्षण: दास्तानगोई केफाउण्डर दानिश हुसैन-महमूद फारुखी एवं दल की प्रस्तुति।

सनतकदा लखनऊ फेस्टिवल-2014

सनतकदा की ओर से लखनऊ फेस्टिवल-2014 में इस बार आपको रंगमंच, साहित्य, हैण्डीक्राफ्ट, किस्सागोई आदि से रूबरू होने को मौका मिलेगा। 6 फरवरी से केसरबाग बारादरी में शुरू होने वाले महोत्सव की थीम आधी आबादी रखी गई है। चूंकि, यह वर्ष बेगम अख्तर व आतिया हुसैन की जन्मशती वर्ष है, इसलिए उनका समर्पित रहेगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम बारादरी व अवध जिमखाना क्लब में शाम 7 बजे से होंगे। कार्यक्रमों की शुरूआत 6 फरवरी से होगी। पहले दिन वीव्ज एंड क्राफ्ट बाजार का उद्घाटन व विद्या शाह व दानिश हुसैन का ‘बेगम अख्तर को श्रद्घांजलि: अख्तरी’ कार्यक्रम होगा। 7 फरवरी को रघु दीक्षित के फोक रॉक बैंड की प्रस्तुति, 8 को कैसरबाग बारादरी में महिलाएं और संगीत पर परिचर्चा होगी। जिसमें शांति हीरानंद, श्रुति सडोलीकर काटकर, दीप्ति प्रिया मेहरोत्रा व एस कालिदास शामिल होंगे।

नसीरुद्दीन शाह का नाटक भी

इसके अलावा नसीरुद्दीन शाह निर्देशित मॉटुले के नाटक ‘कमबख्त बिलकुल औरत है’ का मंचन अवध जिमखाना क्लब में होगा। 9 फरवरी को केसरबाग बारादरी में साहित्य में महिलाएं विषय पर परिचर्चा होगी, जिसमें शमा हबीबुल्लाह, रितु मेनन व रक्षंदा जलील उपस्थित रहेंगी। इसके अलावा घर पर बनाए गए अवधी खाने का फेस्टिवल भी होगा। जबकि अवध जिमखाना क्लब में कथक उस्ताद बिरजू महराज व उनकी शिष्या शाश्वती सेन की प्रस्तुतियां होंगी। 10 फरवरी को अश्विनी देशपांडे भिड़े द्वारा ‘पक्का गाना’ पेश किया जाएगा। इसके अलावा फेस्टिवल में केसरबाग बारादरी में रोजाना शाम पांच बजे नसीम इक्तिदार अली व सबीहा अनवर की किस्सागोई के कार्यक्रम होंगे।

तारीख: 6 से 10 फरवरी तक
जगह: केसरबाग बारादरी व अवध जिमखाना क्लब
विशेष आकर्षण: बिरजू महराज की कथक प्रस्तुति व नसीरुद्दीन शाह निर्देशित नाटक ‘कमबख्त बिलकुल औरत है’ का मंचन
एंट्री पास: सनतकदा का अड्डा केसरबाग व यूनीवर्सल बुक स्टोर (1 से 6 फरवरी तक)

संस्कार भारती का बहुभाषीय नाट्य समारोह

देशभर के प्रतिष्ठित नाट्य निर्देशकों का सधा हुआ निर्देशन 9 फरवरी से शुरू हो रहे बहुभाषीय नाट्य समारोह में देखने को मिलेगा। संस्कार भारती संस्था की ओर से रायउमानाथ बली प्रेक्षागृह में कराए जा रहे, इस समारोह की खासियत यह है कि पहली मर्तबे हिन्दुस्तान की कई भाषाएं रंगमंच पर एक साथ उतर रही हैं। समारोह में हिंदी, बंगाली, पंजाबी, उड़िया और कन्नड़ भाषा केनाटकों का मंचन होगा। यह आयोजन स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में कराया जा रहा है। समारोह में कुल 13 नाटकों का मंचन होगा। प्रतिदिन 3-4 नाटक। मंचन केबाद रंगमंच पर परिचर्चाएं भी होंगी।
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होंगे एक से बढ़कर एक नाटक

समारोह की शुरूआत कोलकाता के निर्देशक विकास भट्टाचार्या के बंगाली नाटक ‘विवेकानंद’ से होगी। इसके बाद जयपुर के गगन मिश्र निर्देशित हिन्दी नाटक ‘कहानियों का मंचन’, रांची के अजय मलखानी का ‘स्टैम्प’, जबलपुर केकृष्ण कुमार तिवारी का ‘रानी दुर्गावती’, अलीगढ़ के आलोक शर्मा निर्देशित ‘कालनिर्णय’, ग्वालियर के अशोक आनंद का ‘अफसोस हम न होंगे’, गोरखपुर के पीयूषकांत का ‘रश्मिरथी’, उरई के दिगम्बर तिवारी का ‘आल्हा ऊदल’, लखनऊ के अश्विनी का ‘जानवर’ और बनारस के प्रमोद पाठक निर्देशित ‘यहूदी की लड़की’ का मंचन होगा। इसके अलावा चंडीगढ़ के सुदेश शर्मा का पंजाबी नाटक ‘आजाद’, बंगलुरू के तिरुमल चक्रवर्ती का कन्नड़ नाटक ‘शून्य से एक’ और ओडिशा केउड़िया नाटक ‘स्वर्ग से सारे पापी’ का मंचन किया जाएगा।

तारीख: 9, 10 व 11 फरवरी
जगह: रायउमानाथ बली प्रेक्षागृह कैसरबाग
विशेष आकर्षण: बांग्ला नाटक ‘विवेकानंद’ व ‘यहूदी की लड़की’
प्रवेश: नि:शुल्क
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