लखनऊ। इनकम टैक्स के दफ्तर में आईआरएस गौरव गर्ग से मारपीट के मामले में चश्मदीद बयान दर्ज कराने से बच रहे हैं। कई बार बयान देने के लिए चश्मदीदों को पुलिस ने बुलाया, लेकिन कोई भी नहीं पहुंचा। खास बात ये है कि पुलिस को विभाग की ओर से सीसीटीवी फुटेज भी नहीं उपलब्ध कराई गई।
इंस्पेक्टर विक्रम सिंह का कहना है कि वादी को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था। हालांकि, वह नहीं आए। घटना के समय आयकर आयुक्त प्रशासन ऋचा रस्तोगी और आयकर आयुक्त अपील शौर्या शाश्वत शुक्ला कमरे में मौजूद थे। दोनों अधिकारियों को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस दिए गए थे। इसके अलावा कॉरिडोर में मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों को भी बयान के लिए बुलाया गया था।
अभी तक किसी ने भी घटना के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है। उधर, जानलेवा हमले के आरोपी आईआरएस योगेंद्र मिश्रा ने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर गौरव गर्ग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उल्लेखनीय है कि 29 मई को दफ्तर में दोनों अधिकारियों में विवाद हो गया था। गौरव ने हजरतगंज थाने में योगेंद्र के खिलाफ जानलेवा हमले की एफआईआर दर्ज कराई थी। वहीं, योगेंद्र ने भी पुलिस आयुक्त को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।