लखनऊ। डाॅ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में एनेस्थीसिया विभाग के अध्यक्ष प्रो. पीके दास ने बताया कि थायराइड से पीड़ित मरीजों की किसी भी सर्जरी में अतिरिक्त सावधानी बरतनी होती है। वे संस्थान में एनेस्थीसियोलाॅजी और क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे।
प्रो. पीके दास ने किडनी रोगियों के लिए कांटिन्यूअस रेनल रिप्लेसमेंट थेरेपी (सीआआरटी) मशीन की उपयोगिता के बारे में बताया। यह विशेष प्रकार की मशीन है, जिसका उपयोग किडनी की विफलता वाले मरीजों के खून से अपशिष्ट पदार्थ और अतिरिक्त तरल पदार्थ को हटाने के लिए किया जाता है। यह एक तरह की डायलिसिस ही है। लोहिया संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. दीपक मालवीय के साथ ही प्रो. आरपी गेहदू, डाॅ. शिवानी रस्तोगी, डाॅ. अनुराग अग्रवाल माैजूद रहे।