बीएचएमएस की पढ़ाई और अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी करने के बाद भी छात्रा को मूल डिग्री नहीं मिलने के मामले में उत्तर प्रदेश सूचना आयोग ने आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (आगरा विश्वविद्यालय) के कुलसचिव को नोटिस जारी किया है।
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आयोग ने अपने आदेश में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि विश्वविद्यालय समय पर छात्रा को डिग्री उपलब्ध करा देता तो उसे सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत आवेदन करने की नौबत ही नहीं आती।
बक्सन होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, ग्रेटर नोएडा की छात्रा वंदना त्यागी ने मार्च 2025 में बीएचएमएस पाठ्यक्रम और इंटर्नशिप पूरी की थी। इसके बावजूद मूल डिग्री जारी न होने पर उन्होंने आरटीआई के तहत डिग्री की वर्तमान स्थिति, प्रिंटिंग व डिस्पैच, देरी के कारण और जिम्मेदार अधिकारी की जानकारी मांगी।
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छात्रा का आरोप है कि विश्वविद्यालय ने अधूरी और सत्यापित न की जा सकने वाली जानकारी उपलब्ध कराई। सुनवाई के लिए उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला, फिर भी आदेश में उन्हें अनुपस्थित दर्शा दिया गया। आयोग ने पूरे मामले में विश्वविद्यालय के कुलसचिव से स्पष्टीकरण तलब करते हुए नोटिस जारी किया है।