लखनऊ। देश के अन्नदाताओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए अमर उजाला बोनस और पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) मिलकर बुधवार, तीन दिसंबर को विशेष कार्यक्रम ‘बीज एनपीएस का, फसल पेंशन की’ आयोजित करने जा रहे हैं। कार्यक्रम राजधानी के विजयनगर स्थित होटल गुरवीर रॉयल में सुबह 10:30 बजे से दोपहर दो बजे तक होगा।
इस मौके पर वित्तीय क्षेत्र के विशेषज्ञ पीएफआरडीए के सीजीएम आशीष कुमार, डीजीएम देवेश मित्तल और एजीएम चेतन सिंघल सेवानिवृत्ति के बाद की योजनाओं से जुड़ी अहम जानकारियां साझा करेंगे। वे बताएंगे कि नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) क्यों जरूरी है, जल्दी निवेश से कैसे ज्यादा लाभ मिलता है और यह योजना भविष्य को कैसे सुरक्षित बनाती है।कार्यक्रम में नाबार्ड के अधिकारी, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) से जुड़े सदस्य और बड़ी संख्या में किसान भी शामिल होंगे। प्रवेश निशुल्क रखा गया है।
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किसानों, छोटे व्यापारियों के लिए एनपीएस इसलिए जरूरी
देश में 13.83 करोड़ किसान हैं, जिनमें लगभग 55 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है। लगातार भूमि बंटवारे के कारण 86 प्रतिशत किसान दो हेक्टेयर से कम जमीन वाले सीमांत किसान बन चुके हैं। खेती से मिलने वाली अनिश्चित आय, बाजार की चुनौतियां और बढ़ते खर्च के बीच ज्यादातर किसान अपने बुढ़ापे की नियमित आय सुरक्षित नहीं कर पाते। परिणामस्वरूप अंतिम पड़ाव में आर्थिक तंगी, स्वास्थ्य व्यय और घरेलू जरूरतें उन्हें कठिनाइयों में डाल देती हैं। ऐसे में नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) किसानों, छोटे व्यापारियों, दिहाड़ी मजदूरों, गृहिणियों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए एक मजबूत और सुरक्षित विकल्प बनकर उभर रहा है। इसमें कमी रकम से शुरू होने वाला निवेश लंबी अवधि में चक्रवृद्धि ब्याज के कारण बड़ी बचत और स्थायी पेंशन में बदल जाता है।
आज के बदलते सामाजिक ढांचे जहां परिवार छोटे हो रहे हैं और खर्च बढ़ते जा रहे हैं, में हर व्यक्ति को अपनी वृद्धावस्था की तैयारी खुद करनी पड़ती है। खेती या छोटे कारोबार की आमदनी मौसम व बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर रहती है, जबकि एनपीएस जीवनभर की स्थायी और भरोसेमंद आय देता है। यही इसे किसानों और असंगठित क्षेत्र के लाखों परिवारों के लिए भविष्य का मजबूत सहारा बनाता है।
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एनपीएस को ऐसे बनाएं जीवन का सहारा
एनपीएस एक लॉन्ग-टर्म रिटायरमेंट प्लान है, जिसमें निवेशक मासिक या वार्षिक आधार पर छोटी-छोटी रकम जमा कर सकते हैं। जैसे खेत में बोया गया बीज समय के साथ फसल में बदलता है, वैसे ही एनपीएस में किया गया छोटा निवेश भविष्य में बड़ी रकम और आजीवन पेंशन का रूप ले लेता है।
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एनपीएस की खासियतें
बाजार आधारित बेहतर रिटर्न
अनुशासित निवेश
लंबी अवधि में तेज कंपाउंडिंग
रिटायरमेंट पर एकमुश्त बड़ी राशि
जीवनभर नियमित पेंशन