एनेक्सी में इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों के लिए बनाए गए वार रूम में चचार्चा करते अधिकारी।
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इन्वेस्टर्स समिट-2018 की तैयारियां समय से पूरी हों और किसी तरह की कमी न रह जाए इसके लिए अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) के निर्देशन में वार-रूम ने मोर्चा संभाल लिया है। यहां हर काम के लिए अलग-अलग एक्सपर्ट्स को जिम्मेदारी दी गई है। इसमें अर्नेस्ट एंड यंग, उद्योग बंधु, एनआईसी व शासन के अधिकारी शामिल हैं।
सचिवालय एनेक्सी का भूतल स्थित आईआईडीसी का सभाकक्ष आजकल वार-रूम में तब्दील हो गया है। यहां करीब दो दर्जन एक्सपर्ट्स व अफसरों की टीम समिट की अलग-अलग जिम्मेदारियों से जुड़े काम कर रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तैयारियों से जुड़े अलग-अलग काम की जो डेडलाइन दी है, हर टीम अपने काम टाइमलाइन से पहले पूरा कर आगे बढ़ रही है। इस टीम से जुड़े एक अधिकारी बताते हैं कि अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय की मार्निंग मीटिंग के साथ वार-रूम की गतिविधियां शुरू होती हैं।
इसमें पूर्व से प्रस्तावित कार्यों का फॉलोअप, दिन के काम का एजेंडा तय करने के साथ ही हर टीम की जिम्मेदारी तय कर दी जाती है। टीम लीडर की जिम्मेदारी शाम तक एजेंडे के काम पूरा कर रिपोर्ट देने के साथ पूरी होती है। शाम की मीटिंग में टास्क की समीक्षा के साथ टाइमलाइन से जुड़े कार्यों का फॉलोअप होता है।
अधिकारी ने बताया कि 21-22 फरवरी को होने वाली समिट मेंदेश-दुनिया के नामी उद्योगपतियों, निवेशकों और राजदूतों के साथ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नेपाल व मॉरिशस के प्रधानमंत्री शामिल हो सकते हैं।
कहा कि राजधानी में इतना बड़ा आयोजन इसके पहले कभी हुआ हो, याद नहीं पड़ता। नए साल का यह पहला बड़ा सरकारी जलसा भी होगा। मुख्यमंत्री खुद इसकी तैयारियों पर नजर रख रहे हैं। इसीलिएवार-रूम की टीम प्रतिदिन 13 से 14 घंटे काम कर रही है।
वार रूम की एक्टिविटी
इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों में लगे अफसर।
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हर फोकस सेक्टर की अलग-अलग तैयारी
सरकार ने इन्वेस्टर समिट के 11 फोकस सेक्टर तय किए हैं। इसमें सिविल एविएशन, आईटीज, डेयरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, टूरिज्म, एमएसएमई, इन्फ्रास्ट्रक्चर, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, फिल्म, हैंडलूम टैक्सटाइल्स व एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग शामिल हैं।
अर्नेस्ट एंड यंग के एक-एक कंसल्टेंट एक-एक सेक्टर लेकर उनसे जुड़े विभागों से समन्वय कर रहे हैं। ये संबंधित सेक्टर का प्रोजेक्ट प्रोफाइल बनाने से लेकर समिट के मद्देनजर विभाग की तैयारियों में वार रूम से ही सहयोग कर रहे हैं।
वेबसाइट में नई सुविधाओं पर एनआईसी कर रहा काम
एनआईसी के एक्सपर्ट्स समिट के लिए तैयार वेबसाइट में नई-नई सुविधाएं जोड़ने में जुटे हैं। इस वेबसाइट पर समिट के बारे में पूरी जानकारी होगी। इन्वेस्टर अपना प्रोजेक्ट भी रजिस्टर कर सकेंगे। प्रोजेक्ट रजिस्टर होते ही वह संबंधित विभाग तक पहुंच जाएंगी और उसे किस प्रमुख सचिव या सचिव के पास भेजा गया है, इसकी जानकारी तत्काल निवेशक को मिलेगी।
इससे अधिकारी व निवेशक एक दूसरे से संवाद स्थापित कर सकेंगे। निवेशक ने यदि निवेश के लिए किसी जिले विशेष का उल्लेख किया है तो वहां के डीएम को इसकी जानकारी पहुंच जाएगी। इसके अलावा और भी सुविधाएं वेबसाइट पर रहेंगी।
लैंडबैंक जुटाने की अलग टीम
मुख्यमंत्री ने हर जिले में उद्योगों की स्थापना को ध्यान में रखकर तैयारी का निर्देश दिया है। इसके लिए लैंडबैंक की जरूरत होगी। सभी कलेक्टरों को इस संबंध में निर्देश दिए जा चुके हैं।
वार रूम की एक टीम कलेक्टरों से समन्वय कर लैंडबैंक की जानकारी अपडेट कर रही है। यही टीम औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लैंडबैंक की सूचना जुटाने के साथ उनके द्वारा इसे बढ़ाने के काम की भी मॉॅनीटरिंग करेगी।
प्रोजेक्ट प्रोफाइल हो रही तैयार
एक टीम यह पता लगा रही है कि कौन सा जिला किन-किन सेक्टर्र्स के लिए उपयुक्त है। टीम जिले वार प्रोजेक्ट प्रोफाइल तैयार करेगी। इसमें संबंधित प्रोजेक्ट पर नई निवेश नीति के तहत किस-किस तरह की सहूलियतें मिल सकती हैं, इसकी भी जानकारी होगी। निवेशकों को ये प्रोजेक्ट प्रोफाइल उपलब्ध कराए जाएंगे।
फैसेलिटेशन डेस्क
वार रूम में फैसेलिटेशन डेस्क बनाया गया है। इसमें उद्योग बंधु के रामेंद्र कुशवाहा, विवेकानंद व अर्नेस्ट व यंग की ओर से चंदन शर्मा व गौरव पांडेय को जिम्मेदारी दी गई है। यह टीम किसी इन्वेस्टर के आते ही पता करेगी कि वह किस सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं। इसके बाद संबंधित विभाग के अधिकारी, जिले के कलेक्टर व जरूरत हो तो आईआईडीसी व मुख्य सचिव से भी समय लेकर मुलाकात कराने का काम करेगी।
रोड शो का समन्वय और समितियों के काम में सहयोग
सीएम योगी
समिट से पहले देश के प्रमुख शहरों में रोड शो का कार्यक्रम प्रस्तावित है। एक टीम इससे जुड़ी गतिविधियों के समन्वय का काम देख रही है। समिट की कामयाबी के लिए शासन के वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता में अलग-अलग करीब एक दर्जन समितियां बनाई गई हैं। सभी की जिम्मेदारी तय है।
मुख्यमंत्री ने सभी समितियों से उनको सौंपे गए कार्य को सफलता पूर्वक संपन्न कराने की कार्ययोजना टाइमलाइन के साथ मांगी है। यह समिति संबंधित समितियों से समन्वय कर रही है और उनकी प्रगति पर नजर रखेगी।
मेहमानों को न्यौता
समिट में राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के अलावा नेपाल व मॉरिशस के प्रधानमंत्री, केंद्र सरकार के 14 मंत्री और दर्जनों देशों के राजदूत व इन्वेस्टर्स आमंत्रित किए जा रहे हैं। उद्योग बंधु के अधिकारी वली अब्बास व ईएंडवाई के डीपी दास की टीम मुख्यमंत्री, औद्योगिक विकास मंत्री, मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की ओर से जिन मेहमानों को आमंत्रण भेजे गए हैं, उनके कार्यालय से संपर्क कर रही है।
वार रूम के प्रमुख मेंबर
उद्योग बंधु : राजीव दीक्षित, पंकज अरोरा, मोहम्मद वली अब्बास, आनंद कुमार पांडेय।
अर्नेस्ट एंड यंग : डीपी दास, सुकांतो राय, शोभित दीक्षित, गौरव पांडेय, रतन प्रिया अग्रवाल, ख्याति श्रीवास्तव आदि।
यूपीएसआईडीसी : मंसूर कटियार
एनआईसी : राजेश गंगल, तकनीकी निदेशक
सीआईआई : आलोक शुक्ला व अन्य
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त डॉ. अनूपचंद्र पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में निवेश और रोजगार सृजन को लेकर पहले दिन से जोर दे रहे हैं। इन्वेस्टर्स समिट से प्रदेश में निवेश और रोजगार सृजन की बड़ी संभावनाएं खुलने जा रही हैं। समिट की सफलता के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। हर काम की टाइमलाइन के साथ जिम्मेदारी तय की गई है।