बेसिक शिक्षा पर खर्च की जाने वाली धनराशि की जानकारी आम लोगों तक पहुंच सके और इसमें पारदर्शिता रखी जा सके इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूल में होने वाले पूरे खर्च का हिसाब स्कूल की दीवार पर लिखवाने का फैसला किया है।
अब परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों व स्कूल के संसाधनों पर प्रति वर्ष खर्च की जाने वाली धनराशि का पूरा हिसाब अब स्कूल की दीवार पर लिखाना होगा। बेसिक शिक्षा निदेशक ने इस आशय से संबंधित आदेश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिया है।
बेसिक शिक्षा विभाग सर्व शिक्षा अभियान की तरफ से परिषदीय स्कूलों में संसाधनों के अवस्थापन के लिए धनराशि मुहैया कराता है। जिस स्तर से भी स्कूल के विकास पर धनराशि उपलब्ध कराई जाती है।
इनमें स्कूलों मे फर्नीचर, बिजली, पंखा, हैंडपंप, शौचालय, बच्चों को निशुल्क मिलने वाला स्वेटर, जूता मोजा, स्कूल बैग, खेलकूद समेत अनेक मदों पर बड़ी धनराशि खर्च की जाती है लेकिन इस खर्च की जानकारी आम जनता को नहीं हो पाती। अक्सर स्कूलों पर खर्च की गई धनराशि में गड़बड़ी का भी आरोप लगता है।
इस पर रोक लगाकर खर्च की गई धनराशि की जानकारी आम जननमानस को उपलब्ध कराने व पारदर्शिता लाने के लिए बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने स्कूलों में खर्च की धनराशि का पूरा ब्योरा स्कूल की बाहरी दीवार पर लिखाने का आदेश बीएसए को दिया है। निदेशक के आदेश के अनुसार पिछले तीन वित्तीय वर्षों मे खर्च की गई धनराशि का हिसाब स्कूल की दीवार पर लिखा जाएगा।