लखनऊ। विवादों के बीच नगर निगम कार्यकारिणी के छह पदों के लिए रविवार को चुनाव निर्विरोध हो गया। जो छह सदस्य चुने गए, उनमें भाजपा के पांच और सपा का एक सदस्य है। नए सदस्यों का चुनाव होने के बाद अब 12 सदस्यीय कार्यकारिणी पूरी हो गई है। इससे अब यह शहर के विकास से जुड़े नगर निगम के नीतिगत और वित्तीय मामलों पर निर्णय ले सकेगी।
नगर निगम की 12 सदस्यीय कार्यकारिणी के छह सदस्य एक जून को दो साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद सेवानिवृत्त हो गए थे। उनकी जगह चुनाव के लिए रविवार को 11 बजे नगर निगम सदन की कार्यवाही शुरू हुई। इसके बाद नामांकन हुआ तो छह पदों के लिए छह पार्षदों ने ही नामांकन किया। इनमें भाजपा से पांच और सपा से एक पार्षद थे।आपसी खींचतान के चलते भाजपा की ओर से मौलवीगंज वार्ड के पार्षद मुकेश सिंह मोंटी और राजेंद्रनगर के पार्षद राजीव दीक्षित के भी बगावत कर नामांकन करने की अफवाह उड़ती रही।
जो सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हुए, उनमें भाजपा के पेपर मिल कॉलोनी वार्ड के पार्षद राजेश सिंह गब्बर, अलीगंज के पृथ्वी गुप्ता, राजा बिजली पासी द्वितीय की पिंकी रावत, चिनहट प्रथम के अरुण राय व ऐशबाग के संदीप शर्मा और कन्हैया माधवपुर वार्ड के सपा पार्षद रामनरेश चौरसिया शामिल हैं। विजयी सदस्यों के नामों की घोषणा महापौर सुषमा खर्कवाल ने की। वहीं, एक जून को छह सदस्यों के सेवानिवृत्त होने के बाद कार्यकारिणी में जो छह सदस्य बचे थे, उनमें भाजपा के अनुराग मिश्रा अन्नू, भृगुनाथ शुक्ला, चरनजीत गांधी, गौरी सांवरिया, कृष्ण नारायण सिंह और सपा की सबा अहसन मंसूरी शामिल हैं।
भाजपा के राजीव दीक्षित ने दबाव में नहीं जमा किया पर्चा
भाजपा पार्षद मुकेश सिंह मोंटी ने तो चुनाव न लड़ने पर कुछ नहीं कहा, लेकिन पार्षद राजीव दीक्षित ने कहा कि उन्होंने नामांकन फाॅर्म भरा था, मगर नगर अध्यक्ष के कहने पर जमा नहीं किया। जानकारों का कहना है कि यदि सात नामांकन हो जाते तो भाजपा में क्राॅस वोटिंग हो जाती।
विरोध के कारण निवर्तमान उपाध्यक्ष आसन से उतरे
सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद महापौर सुषमा खर्कवाल ने पार्षदों के साथ बैठे निवर्तमान कार्यकारिणी उपाध्यक्ष गिरीश गुप्ता से कहा कि अभी चुनाव नहीं हुआ है, आप अभी उपाध्यक्ष हैं और ऊपर आकर आसन पर बैठें। इसके बाद गिरीश जाकर बैठ गए। यह देख कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने आपत्ति की। कहा कि उपाध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त हो गया है, ऐसे में वह अब आसन पर उपाध्यक्ष की हैसियत से नहीं बैठ सकते। भाजपा पार्षद मुन्ना मिश्रा ने भी इसका समर्थन किया, जिसके बाद गिरीश नीचे उतर आए।
अब होगा उपाध्यक्ष का चुनाव
एक जून को जो छह सदस्य सेवानिवृत्त हुए थे, उनमें कार्यकारिणी उपाध्यक्ष भी थे। ऐसे में अब कार्यकारिणी सदस्य उपाध्यक्ष का चुनाव करेंगे। कार्यकारिणी के कुल 12 सदस्यों में भाजपा के 10 और सपा के दो सदस्य हैं। ऐसे में भाजपा पार्षद का उपाध्यक्ष बनना तय है। बैठक एक सप्ताह में बुलाई जाएगी।