निर्धारित समय पर अंक न भरने वाले परीक्षक होंगे निष्कासित
लखनऊ। राजधानी सहित प्रदेश के सभी पॉलीटेक्निक संस्थानों की डिप्लोमा इंजीनियरिंग की प्रयोगात्मक परीक्षा 20 जून तक आयोजित होगी। परीक्षा के साथ साथ निर्धारित समय पर अंक भरना जरूरी है। ऐसा न करने वाले परीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उन्हें आगामी परीक्षाओं से डिबार (निष्कासित) कर दिया जाएगा। प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव डॉ. संतोष कुमार सिंह ने इस संबंध में सभी राजकीय, अनुदानित और पीपीपी मोड की निजी संस्थाओं के प्रधानाचार्यों व निदेशकों को सख्त निर्देश दिए हैं।
परिषद ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रयोगात्मक परीक्षाएं सीसीटीवी युक्त कमरों में संपन्न कराई जाएंगी। निजी क्षेत्र की संस्थाओं को परीक्षा पूरी होने के बाद पूरी रिकॉर्डिंग एक पेनड्राइव में सुरक्षित कर परिषद कार्यालय के अनुभाग-चार को सौंपनी होगी। यदि कोई छात्र परीक्षा से छूट जाता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की होगी।
परीक्षाएं परिषद की ओर से आवंटित परीक्षकों द्वारा ही कराई जाएंगी, जिन्हें इस सूचना को पूरी तरह गोपनीय रखना होगा। कॉलेज प्रशासन को अलॉटेड परीक्षक से दो कार्यदिवस के भीतर संपर्क करना होगा। यदि कोई परीक्षक असमर्थता जताता है तो लिखित पत्र लेकर परिषद को anubhag4btegmail.com पर सूचित करना होगा। परीक्षा समाप्त होने के अधिकतम दो कार्य दिवस के भीतर परीक्षकों को परिषद की वेबसाइट bteup.ac.in पर ऑनलाइन अंक अपलोड करने होंगे।
बैक पेपर और ओनली बैक पेपर के ऐसे छात्र जिनका नाम ई-लिस्ट में नहीं है, उनके अंक परीक्षक की ओर से अलग सूची में दर्ज किए जाएंगे। परीक्षा के बाद संस्था प्रमुख की ओर से परीक्षक को एक प्रमाण पत्र दिया जाएगा, जिसकी कॉपी कॉलेज में सुरक्षित रखी जाएगी। अंकों की हार्ड कॉपी व अन्य दस्तावेज भी कॉलेज को सुरक्षित रखने होंगे।