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लविविः परीक्षा विभाग के खाते से जनरल फंड में किया भुगतान

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परीक्षा विभाग का फंड, उड़ा दिया कहीं और
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चेक क्लोनिंग मामले में पुलिस ने बैंक अधिकारियों की भूमिका को भी माना संदिग्ध
लखनऊ विश्वविद्यालय में चेक क्लोनिंग के मामले में पुलिस की जांच में बैंक अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध लग रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिन चेकों की क्लोनिंग का मामला सामने आ रहा है, उसमें सामान्य सी बात का ध्यान दिया जाता तो उसे आसानी से पकड़ा जा सकता था। क्योंकि इसमें परीक्षा विभाग के खाते से सामान्य फंड का भुगतान किया गया है। जबकि यह सिर्फ परीक्षा से जुड़े कार्यों में ही होना चाहिए।
विवि में पिछले दिनों कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने प्रेसवार्ता कर चेक क्लोनिंग की जानकारी दी थी, जिसके बाद से पुलिस मामले की जांच में जुटी है। विवि चौकी प्रभारी अभय सिंह ने कहा कि बैंक के अधिकारी अगर इस मामले में थोड़ी सी भी सावधानी बरतते तो मामले को बहुत पहले पकड़ सकते थे। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले में हर पहलू की जांच कर रही है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधितों से पूछताछ भी की जाएगी।
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डमी के खाते में भुगतान
चेक क्लोनिंग करके जिन खातों में भुगतान किया गया, उनकी जांच के लिए पुलिस की कई टीमें अलग-अलग जगह जांच करने के लिए भेजी गईं। कुछ टीमों को इसकी जांच में डमी लोग मिले। विवि चौकी प्रभारी अभय सिंह ने बताया कि जब उनसे चेक से पैसे भेजने के बारे में पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि किसी ने उनके खाते में पैसे भेजे। फिर उनसे वापस ले लिए। इस मामले में दूसरे व तीसरे लोगों से भी पूछताछ की गई, हालांकि कुछ ठोस अभी तक हाथ नहीं लगा है।
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निवर्तमान कर्मचारियों का मांगा ब्योरा
चेक क्लोनिंग मामले में अब विवि के वित्त विभाग से जुड़े लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। पुलिस-प्रशासन ने इस मामले में लविवि से उस समय वित्त विभाग में तैनात व इस कार्य से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है। माना जा रहा है कि पुलिस इस मामले में उनकी भूमिका की जांच करेगी। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में विवि प्रशासन कोई खास रुचि नहीं दिखा रहा है। अगर उसने समय पर ऑडिट कराया होता तो यह मामला काफी पहले पकड़ा जा सकता था। अब काफी देर हो चुकी है, जिससे आरोपितों को पकड़ने में काफी मुश्किल हो रही है।
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