लखनऊ विश्वविद्यालय की नए सत्र 2021-22 की दिसंबर सेमेस्टर से परीक्षाएं थ्योरी आधारित होंगी। इसके तहत छात्रों को कुल 10 में से 05 सवाल हल करने की सुविधा दी जाएगी। जबकि परीक्षा का पूर्णांक व समय भी पूर्व की भांति तीन घंटे रखा जाएगा। यह निर्णय सोमवार को कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय की अध्यक्षता में हुई परीक्षा समिति की बैठक में लिया गया।
कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले दो साल से विश्वविद्यालय सिर्फ फाइनल ईयर के विद्यार्थियों की ही परीक्षा का आयोजन कर रहा है। वह भी बहुविकल्पीय सवालों पर आधारित होती थी। परीक्षा का समय भी मात्र एक घंटे था। इस सत्र की शुरुआत में अगस्त से ही कोरोना संक्रमण की स्थिति काफी नियंत्रण में है, जिसके बाद भौतिक रूप से कक्षाएं भी शुरू हो चुकी हैं।
परीक्षा नियंत्रक प्रो. एएम सक्सेना के अनुसार पेपर में यूनिट की व्यवस्था भी समाप्त कर दी गई है। छात्रों को 10 में से कोई भी पांच सवाल हल करने होंगे। परीक्षा समिति ने पहले सेमेस्टर को छोड़कर अन्य सेमेस्टर की परीक्षाएं दिसंबर-जनवरी में कराने का निर्णय लिया। जबकि पहले सेमेस्टर की परीक्षाएं फरवरी में होंगी। बता दें कि अमर उजाला ने पहले ही यह जानकारी दी थी कि सेमेस्टर परीक्षाएं दिसंबर अंत से शुरू होंगी।
परीक्षा समिति ने कोरोना संक्रमण के मद्देनजर सत्र 2019-20 व 2020-21 में प्रोन्नत किए गए छात्रों को भी अंक सुधार की सुविधा देने पर सहमति दी है। इसी तरह इंप्रूवमेंट का भी मौका विद्यार्थियों को दिया जाएगा। विदेशी छात्रों के मामले में भी सकारात्मक निर्णय लेने पर सहमति दी। बता दें कि इस सेमेस्टर से लखनऊ विश्वविद्यालय से चार नए जिलों के कॉलेज भी जुड़ रहे हैं और इनकी परीक्षा का भी आयोजन किया जाएगा।
15 दिन में पूरी करें प्रवेश प्रक्रिया
लविवि में सोमवार को ही प्रवेश समिति की भी बैठक हुई, जिसमें प्रवेश प्रक्रिया में हो रही देरी पर विस्तार से चर्चा हुई। अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े पदाधिकारियों को 15 दिन में प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया। संबंधित एजेंसी द्वारा की जा रही दिक्कत की वजह से इस बार प्रवेश प्रक्रिया काफी लंबी खिंच रही है।
एमपीएड अभ्यर्थियों को राहत
लविवि प्रशासन ने पीजी प्रवेश के अंतर्गत एमपीएड के विद्यार्थियों को राहत दी है। जो विद्यार्थी अभी तक अपने बीपीएड के नंबर नहीं भर पाए थे, उनके आवेदन पर विचार करते हुए उन्हें 02 नवंबर तक नंबर भरने का अवसर दिया गया है। प्रवेश समन्वयक प्रो. पंकज माथुर ने कहा कि यह अंतिम अवसर होगा, इसके बाद कोई और मौका नहीं दिया जाएगा।