गोमतीनगर के विनीत खंड निवासी सेवानिवृत्त उप आवास आयुक्त वीके चौधरी को शुक्रवार सुबह मेरठ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उन पर वर्ष 2004 में मेरठ में तैनाती के दौरान 300 करोड़ रुपये के जमीन घोटाले का आरोप है। रिटायर्ड अधिकारी का नाम एनआरएचएम घोटाले में भी है, जिसकी जांच चल रही है।
गोमतीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक त्रिलोकी सिंह ने बताया कि मेरठ के दौराला थाने के निरीक्षक इंद्रपाल सिंह सुबह वीके चौधरी को थाने लेकर आए थे। कानूनी औपचारिकताओं के बाद वह उन्हें लेकर कोर्ट चले गए।
वीके चौधरी पर मेरठ में तैनाती के दौरान 2004 में इंद्रप्रस्थ एस्टेट सहकारी आवास समिति लिमिटेड की 52 एकड़ भूमि पर भूमाफिया से साठ-गांठ कर 300 करोड़ रुपये का घोटाला करने का आरोप है।
उक्त आवास समिति पर भूमाफिया सत्यपाल सिंह देशवाल, राजमोहन व आरपीएस चौधरी का कब्जा कराने को उन्होंने मेरठ के तत्कालीन सहकारी अधिकारी (आवास) राजकुमार से मिलीभगत कर 52 एकड़ जमीन रिश्तेदारों, करीबियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों को बेच डाली।
खुलासा होने पर 2015 में मेरठ के पल्लवपुरम थाने में केस दर्ज कराया गया था। मेरठ के तत्कालीन मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार की जांच में भी वीके चौधरी दोषी पाए गए थे।