सीबीआई को मनरेगा योजना के तहत कुशीनगर में हुई अनियमितता मामले में कई साक्ष्य मिले हैं। इसके बाद सोनभद्र, बलरामपुर, गोंडा, संतकबीर नगर, महोबा और मिर्जापुर में मनरेगा घोटाले की जांच तेज कर दी गई है।
सीबीआई इन सभी जिलों से जल्द ही कुछ लोगों को गिरफ्तार करने वाली है। जिन पर शिकंजा कसा जाना है, उनमें खंड विकास अधिकारी से लेकर योजना के क्रियान्वयन से जुड़े अधिकारी, लेखा शाखा के अफसर और ठेकेदार शामिल हैं।
बता दें कि कुशीनगर में मनरेगा योजना के तहत धांधली करने के आरोप में गिरफ्तार तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल, अपर मुख्य अधिकारी प्रदीप कुमार और जिला पंचायत सदस्य विजय अग्रवाल को सीबीआई ने पांच दिन की रिमांड लेकर पूछताछ की।
इसमें आरोपियों से सीबीआई को कई अहम साक्ष्य मिले हैं। सीबीआई ने उन दस्तावेज को भी अपने कब्जे में ले लिया है, जिन पर कुशीनगर में पुल बनाने का आदेश जारी किया गया था। साथ ही इससे संबंधित भुगतान के दस्तावेज भी अपने हाथ में ले लिए हैं।