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Lucknow News: सब पढ़े-सब बढ़े, लेकिन बिना किताबों के

Mon, 04 Aug 2025 01:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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बेसिक शिक्षा विभाग का गढ़ा सब पढ़े-सब बढ़े का नारा राजधानी में ही दम तोड़ रहा है।
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लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग का गढ़ा सब पढ़े-सब बढ़े का नारा राजधानी में ही दम तोड़ रहा है। जुलाई बीत चुका है, लेकिन कई परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को अब तक जरूरी पाठ्यपुस्तकें नहीं मिल सकी हैं। इससे कक्षाओं में पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है और बच्चे कुछ विषयों की पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
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शिक्षकों का कहना है कि वे बीआरसी और जिला शिक्षा कार्यालयों से बार-बार संपर्क कर चुके हैं, लेकिन किताबों की आपूर्ति अब तक नहीं हो पाई है। इससे न केवल छात्रों की पढ़ाई रुक रही है, बल्कि सितंबर में होने वाली त्रैमासिक परीक्षा को लेकर भी असमंजस की स्थिति है। कई विद्यालयों में तो कार्यपुस्तिकाएं तक नहीं पहुंची हैं। शिक्षकों को डर है कि किताबों के अभाव में बच्चे स्कूलों से जुड़ाव खोते जा रहे हैं।

उच्च प्राथमिक विद्यालय उतरेठिया में कक्षा 1 के बच्चों को हिंदी, कक्षा 6 को संस्कृत और गणित और कक्षा 8 को इतिहास की किताबें नहीं मिली हैं। इससे बच्चों ने इन विषयों की पढ़ाई रोक दी है। स्कूल प्रशासन ने खंड शिक्षा अधिकारी को इस बारे में लिखित रूप में अवगत कराया है।
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गाजीपुर बस्तौली, हैवतमऊ और बासौली खलीलाबाद स्थित स्कूलों में भी कक्षा 1 के बच्चों को हिंदी विषय की किताबें अब तक नहीं मिली हैं। शिक्षक पुराने स्टॉक से बच्चों को पढ़ा रहे हैं, लेकिन यह समाधान अस्थायी है।


खंड शिक्षा अधिकारी प्रमेंद्र शुक्ला के अनुसारजोन-3 के कई विद्यालयों में शिक्षकों ने किताबों की आपूर्ति न होने की जानकारी दी है। किताबें उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किया जा रहा है।
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