लखनऊ के चिनहट निवासी युवक जमाती के संपर्क में था। जमाती जब कोरोना पॉजिटिव पाए जाने लगे तो वह घर छोड़ गया। बृहस्पतिवार को वापस लौटा। उसमें कोरोना के लक्षण होने पर मुहल्ले के लोगों ने इसकी सूचना सीएमओ कंट्रोल रूम में दी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे क्वारंटीन किया।
केस- 2
सदर में जमाती के संपर्क में था। शुरुआत में दस दिन दुकानदार को स्वास्थ्य विभाग ट्रेस नहीं कर पाया। उसने इलाके के आठ लोगों को संक्रमित कर दिया। बाद में दुकानदार पॉजिटिव पाया गया।
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केस-3
सदर का रहने वाला एक युवक जमाती के संपर्क में आया था। जमाती की धरपकड़ शुरू होने पर वह अपना घर छोड़कर रिश्तेदार के यहां छिप गया। कई दिन बाद वह वापस सदर आया तो लोगों की सूचना पर आई टीम उसे लेकर गई। जांच में वह भी पॉजिटिव पाया गया।
ये मामले कोरोना मरीजों के जरिए बनाई गई लंबी कड़ी का गवाह हैं। हॉटस्पॉट इलाके का हर तीसरा व्यक्ति संदेह के घेरे में है। इसकी वजह यह है कि कोरोना संक्रमित मरीज एक दिन में 50 से अधिक लोगों के संपर्क में आया है।
450 से अधिक लोगों को किया गया क्वारंटीन
कई लोग स्वास्थ्य विभाग के रडार पर नहीं आ रहे हैं जिनकी तलाश में पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम लगी है। जिला सर्विलांस अधिकारी कोरोेना डॉ. केपी त्रिपाठी ने बताया कि हॉटस्पॉट इलाके का हर तीसरा व्यक्ति संदेह के घेरे में है।
हॉटस्पॉट सदर के एक किमी. दायरे में करीब दस हजार की आबादी है। नजीराबाद का हॉटस्पॉट इलाका भी घनी आबादी वाला है। इन इलाकों में स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य टीमों ने करीब एक किमी. के दायरे में घर-घर जाकर स्क्रीनिंग का दावा किया।
दोनों जगह से 450 से अधिक लोगों को क्वारंटीन किया गया है। इसके बाद भी संक्रमण थम नहीं रहा है। अफसरों का कहना है कि जब तक संक्रमित व्यक्ति खुद खुद ही अपने इलाज के लिए आगे नहीं आएंगे, चेन तोड़ना आसान नहीं है।
सदर में हर पॉजिटिव के संपर्क में आए 60-80 लोग
सदर से अब तक तीन सौ लोग क्वारंटीन किए जा चुके हैं। जबकी हर पॉजिटिव मरीज के संपर्क में करीब 60 से 80 लोग आए हैं। इनकी तलाश स्वास्थ्य विभाग के लिए सर दर्द बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है हर पॉजिटिव मरीज इलाके में घूम-घूम कर कई लोगों के संपर्क में आया है। संपर्क में आए लोगों की फेहरिस्त लंबी है।
सदर व नजीराबाद में 50 हजार की स्क्रीनिंग
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केपी त्रिपाठी के मुताबिक सदर व नजीराबाद के हॉटस्पॉट इलाके में स्वास्थ्य विभाग की टीम तीन किमी. दायरे में करीब आठ से दस हजार घरों तक गई। दोनों इलाके में करीब 50 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की गई है।
पुलिस दे रही सीडीआर, अफसर कर रहे जांच
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि सदर समेत हॉटस्पॉट इलाके में जमातियों समेत उनके संपर्क में आए लोगों के बारे में डाटा जुटाने में पुलिस व एलआईयू की भी मदद ली जा रही है।
पुलिस विभाग जमातियों के संपर्क में आए लोगों के नंबर कॉल डिटेल निकलवा कर स्क्रीनिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग को नंबर व पता दे रही है। अब तक मोबाइल के जरिए 250 लोगों को चिह्नित करके उनकी जांच की गई है।
हॉटस्पॉट इलाके में करीब 50 लोग गायब हैं। टीम के घर जाने पर उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। कुछ जगह से रिश्तेदार के यहां जाने की जानकारी दी गई। लॉकडाउन की वजह से घर न आ पाने का बहाना बताया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग पुलिस से मदद ले रहा है।
हॉटस्पॉट इलके में जो भी लोग संक्रमित लोगों के संपर्क में आए हैं, वे खुद जांच के लिए सामने आएं तो बीमारी पर जल्द काबू पाया जा सकता है। वरना, मरीजों के मिलने का सिलसिला बढ़ता जाएगा। -डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ
हॉटस्पॉट इलाके का हर तीसरा व्यक्ति संदेह के घेरे में है। जो भी संदिग्ध सामने आ रहे है उन्हें क्वारंटीन करके जांच कराई जा रही है। पॉजिटिव लोगों के संपर्क में आए लोगों को खुद जांच के लिए सामने आना होगा, वरना वे संक्रमण को बढ़ाते रहेंगे। - डॉ. केपी त्रिपाठी, जिला सर्विलांस अधिकारी कोरोना