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हर जरूरतमंद को अनाज और भरण-पोषण भत्ता देगी योगी सरकार

Thu, 16 Apr 2020 09:40 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपदा के समय सभी जरूरतमंदों को तत्काल अनाज उपलब्ध कराया जाए। जो जरूरतमंद किसी भी अनाज योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं, उन्हें अनाज के साथ ही 1000 रुपये भरण-पोषण भत्ता दिया जाए। लॉकडाउन का सख्ती से अनुपालन कराया जाए। नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

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मुख्यमंत्री योगी गुरुवार को लोकभवन में आयोजित बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित कराया जाए कि जनता को आवश्यक सामग्री आसानी से उपलब्ध हो। होम डिलीवरी की व्यवस्था को तेज किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सप्लाई चेन बनी रहे। उन्होंने कहा कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों को पूरी तरह से सील कर आवागमन को पूरी सख्ती से प्रतिबंधित किया जाए।

हमलावरों पर एनएसए लगा नुकसान की वसूली करें
मुख्यमंत्री ने कहा है कि पुलिस, स्वास्थ्य व स्वच्छता कर्मियों पर यदि कोई हमला करे तो दोषी के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) और आईपीसी की अन्य सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। तोड़-फोड़ करने वालों से ही नुकसान की भरपाई कराई जाए। ऐसा न करने पर उनकी संपत्ति जब्त कर ली जाए। उन्होंने कहा कि हेल्थ टीम के साथ पुलिस भी जाए।
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कोरोना का संक्रमण छिपाने वालों पर करें कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों में केवल मेडिकल, सैनिटाइजेशन एवं डोर स्टेप डिलीवरी टीमों को ही आवागमन की अनुमति दी जाए। इन इलाकों में घर-घर सैनिटाइजेशन कराया जाए। कोरोना वायरस के संक्रमण को छिपाने एवं जान-बूझकर न बताने वाले लोगों को चिह्नित कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। ऐसे लोगों के कोरोना के वाहक होने की संभावना रहती है। उन्हें प्रश्रय देने वालों और उनकी तलाशी न करने वाले थानेदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।

20 से होने वाली गतिविधियों का शासनादेश जारी करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान 20 अप्रैल से भारत सरकार के आदेशानुसार विभिन्न गतिवधियों का संचालन किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश में प्रारंभ होने वाले कार्यों व गतिविधियों के संबंध में सभी आवश्यक सावधानियां बरती जाएं। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि ऐसी प्रत्येक यूनिट में थर्मल स्कैनर तथा सैनिटाइजर आदि की पर्याप्त उपलब्धता रहे। हर हाल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाए। केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देश पढ़कर अधिकारी कार्ययोजना तैयार करें। जिन गतिविधियों की अनुमति दी जानी है, उनके संबंध में शासनादेश तत्काल जारी किया जाए।

अनुमति के बाद अस्पतालों में शुरू करें इमरजेंसी सेवाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले के चिह्नित अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं सक्षम स्तर से अनुमति के बाद ही शुरू की जाएं। इमरजेंसी सेवाओं के संचालन के लिए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभागों के प्रमुख सचिव प्राथमिकता पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। सभी अस्पतालों में एन-95 मास्क, पीपीई सहित संक्रमण से बचाव के सभी उपकरण पर्याप्त मात्रा में अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहने चाहिए। बिना कोविड नियंत्रण प्रशिक्षण एवं सुरक्षा उपायों के इमरजेंसी सेवाओं का संचालन न किया जाए। जिन चिकित्सा संस्थानों में संक्रमण से स्टाफ की सुरक्षा के सभी प्रबंध होंगे, डॉक्टर व चिकित्साकर्मी प्रशिक्षित होंगे, वहीं इमरजेंसी सेवाओं के संचालन की अनुमति दी जाए। टेलीमेडिसिन के माध्यम से लोगों को टेली कंसल्टेंसी (चिकित्सीय परामर्श) की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
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होम क्वारंटीन की नियमित मॉनिटरिंग कराएं

मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार से कहा कि वह अस्पताल अथवा संस्थागत क्वारंटीन की अवधि पूरी करने के बाद होम क्वारंटीन किए जा रहे सभी लोगों की सूची प्राप्त करके ‘मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076’ के माध्यम से नियमित मॉनिटरिंग कराएं। प्रदेश भर में मंडी व बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाए। मंडियों के खुलने के समय नियमित तौर पर सैनिटाइजेशन कराया जाए। बैठक में मुख्य सचिव आरके तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, आईआईडीसी आलोक टंडन, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, डीजीपी हितेश सी. अवस्थी, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य  अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल व संजय प्रसाद और सूचना निदेशक शिशिर उपस्थित थे।

नोडल अधिकारी हर फोन कॉल अटेंड करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे राज्यों में रह रहे प्रदेश वासियों की समस्याओं के समाधान के लिए नामित नोडल अधिकारी प्रत्येक फोन कॉल अटेंड करें और लोगों की समस्याओं का समाधान कराएं। संबंधित राज्य सरकार के नियमित संपर्क में रहते हुए उनमें प्रदेशवासियों की दिक्कतों को दूर कराएं।

एमएसपी से कम दर पर न हो गेहूं की खरीद
मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं क्रय केंद्रों पर सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी हालत में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम पर खरीद न हो। जनता की सुविधा के लिए विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं ने कॉल सेंटर, हेल्पलाइन एवं नियंत्रण कक्ष शुरू किए हैं। सुनिश्चित किया जाए कि ये सभी सुचारु ढंग से कार्यशील रहकर लोगों को पूरी सहायता प्रदान करें। कम्युनिटी किचन व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए अधिक से अधिक जरूरतमंदों को लाभान्वित किया जाए। वितरण कार्य में प्रमाणित लोग ही रखे जाएं। सभी जिलाधिकारी इस संबंध में विशेष सतर्कता बरतें। निराश्रित गोवंश एवं अन्य पशुओं के चारे का समुचित प्रबंध किया जाए। 
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