लखनऊ। यूनिस्को ने हर नगर को विश्व धरोहर माना है और इन्हें संरक्षित रखने की जिम्मेदारी युवाओं की है। राज्य पुरातत्व निदेशालय की निदेशक रेनू द्विवेदी ने शुक्रवार को लाल बारादरी भवन स्थित राज्य ललित कला अकादमी में आयोजित प्रदर्शनी के विजेताओं को सम्मानित करते हुए यह अपील की।
मुख्य अतिथि प्रो. एसएन कपूर ने बताया कि सबसे पहले वर्ष 1982 में ट्यूनीशिया में विश्व धरोहर दिवस मनाए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया। 1983 में यूनिस्को ने हर साल 18 अप्रैल को विश्व विरासत दिवस के रूप में मनाए जाने की मंजूरी दी।
कार्यक्रम में पुरातत्व विभाग की ओर से विश्व धरोहर दिवस पर प्रदर्शित लघु फिल्म, छायाचित्र प्रदर्शनी व पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार व प्रमाणपत्र दिए गए। विभाग के अधिकारी डॉ. राजीव कुमार त्रिवेदी ने बताया कि भारत में 43 विश्व धरोहर स्मारक व स्थल हैं और हमें इनके बारे में जानकारी होनी चाहिए।
दो दिवसीय आयोजन में अलग-अलग शिक्षण संस्थानों के 200 से अधिक छात्र-छात्राओ के बीच तीन श्रेणियों में प्रतियोगिता आयोजित की गई। सीनियर श्रेणी के तहत द्विव्यांशी को प्रथम, अक्षय प्रताप सिंह को द्वितीय और श्रष्टि शुक्ला को तृतीय स्थान मिला। सामान्य श्रेणी के सीनियर वर्ग के तहत खुशी वर्मा को प्रथम, सुलेखा शुक्ल को द्वितीय और श्रेया श्रीवास्तव को तृतीय स्थान मिला। जूनियर वर्ग के तहत योजिका ने प्रथम, ओमिका पाल ने द्वितीय ओर आदी मिश्रा ने तृतीय स्थान हासिल किया। सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार तथा प्रमाणपत्र देकर उत्साहवर्धन किया गया।