यूपी के स्कूलों में नए सत्र में दाखिले की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार आरटीई में दाखिले वाले हर बच्चे की ट्रैकिंग की जाएगी। समीक्षा के बाद संबंधित अधिकारियों व निजी स्कूलों की जवाबदेही तय होगी।
उत्तर प्रदेश में नए सत्र 2026-27 में निःशुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में गरीब परिवार के बच्चों को दाखिला दिलाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। जल्द ही इसका विस्तृत कार्यक्रम जारी किया जाएगा।
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वहीं नए सत्र में दाखिले के लिए आवेदन करने और सीट पाने वाले हर बच्चे को ऑनलाइन ट्रैक किया जाएगा। हर चरण में प्रवेश न पाने वाले बच्चों को किन कारण से प्रवेश नहीं मिला, इसकी समीक्षा होगी। संबंधित अधिकारियों व निजी स्कूलों की जवाबदेही तय की जाएगी।
समग्र शिक्षा के उप शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि अगर किसी बच्चे के आवेदन फॉर्म में कोई कमी है तो ब्लॉक स्तर पर हेल्प डेस्क पर अभिभावकों को बुलाकर उसे दूर कराया जाएगा। विशेष चरण में छूटे हुए बच्चों को दाखिला दिलाया जाएगा। आरटीई के तहत निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश के लिए अगले महीने से प्रक्रिया शुरू होगी।
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वर्तमान में 67 हजार स्कूलों की मैपिंग की गई है। इनमें करीब 5.25 लाख सीटें हैं। वर्तमान शैक्षिक सत्र में करीब कुल 1.40 लाख बच्चों को प्रवेश दिलाया गया है। जबकि, 1.85 लाख बच्चों को सीटें आवंटित की गईं थी। हमारा प्रयास है कि हर सीट पाने वाले बच्चे को दाखिला मिले।
उन्होंने कहा कि बच्चों का ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आईडी और अभिभावकों का आधार कार्ड से सत्यापन किया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा सीटें भरने पर जोर है। शैक्षिक सत्र 2026-27 में भी चार चरण में मार्च तक प्रवेश प्रक्रिया पूरा करने की तैयारी है।