लॉयन सफारी से कब एक और दुखद समाचार मिल जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। जिस बीमारी से ग्रस्त शेरनी लक्ष्मी की मौत हो चुकी है, अब वही बीमारी बब्बर शेर विष्णु को खाए जा रही है।
इस महीने में विष्णु शेर ने एक कतरा भी मीट नहीं चखा है। अंडे खिलाकर उसे बचाने के प्रयास हो रहे हैं। इलाज में लगे डाक्टर भी जानते हैं कि अंडों के बल पर शेर को बचाया नहीं जा सकता।
बावजूद इसके डाक्टर जी जान से विष्णु की देखभाल में लगे हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अहम प्रोजेक्ट लॉयन सफारी को यूं तो एशियाटिक प्रजाति के बब्बर शेरों की संख्या में इजाफा करने के लिए स्थापित किया गया है।
मगर सरकार के इस प्रयास को हैदराबादी शेर के जोड़े ने धक्का पहुंचाया है। बब्बर शेर का यह जोड़ा न मालूम ऐसी कौन सी बीमारी लेकर आया कि पहले तीन साल की शेरनी मौत की शिकार हुई और अब यह नर शेर अंतिम सांसें गिन रहा है।
जिस सफारी में साल भर के अंदर नन्हे शावकों के आने की लोग उम्मीद पाले थे, वहां मौत की दस्तक हो चुकी है। अब तक सफारी प्रशासन का ध्यान शेरों के प्रजनन पर था।
खतरनाक बीमारी ने सफारी के माहौल को ही बदल के रख दिया। अधिकारियों को कुछ कहते नहीं बन रहा। सिर्फ बीमारी की ही चर्चा होती दिखती है।
सफारी सूत्र बताते हैं कि बब्बर शेर विष्णु भी चंद दिनों का मेहमान रह गया है। उसकी मीट की खुराक तो गत 30 अक्तूबर से ही बंद हो चुकी है।