आबाद होने से पहले ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट इटावा लॉयन सफारी पर संक्रमण का साया मंडराने लगा है। एक अनजान किस्म के संक्रमण ने कानपुर जू से ले जाए गए बब्बर शेरों के जोड़े के नर्वस सिस्टम को डैमेज कर दिया है।
बब्बर शेर ‘विष्णु’ में लकवे के लक्षण पाए गए हैं। उसका चलना-फिरना भी दुश्वार हो गया है। वहीं, शेरनी ‘लक्ष्मी’ की तबीयत भी खराब चल रही है। इन दोनों को तीन हफ्ते पहले ही चार अन्य बब्बर शेरों के साथ सफारी में लाया गया था।
संक्रमण का पता चलते ही विभाग के आला अधिकारियों और विशेषज्ञों ने रविवार को सफारी कैंपस में डेरा डाल दिया है। लखनऊ जू के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष शुक्ला और कानपुर जू के डॉक्टर समेत पांच वन्यजीव चिकित्सकों की टीम भी वहां पहुंच गई है।
दोनों शेरों के कई तरह के सैंपल इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई) बरेली भेजे गए हैं। सीएम खुद अधिकारियों से अपडेट ले रहे हैं।
कई शेर बीमार, बाकियों को बचाने की कवायद
सूत्रों की मानें तो 10 सितंबर को कानपुर जू से इटावा ले जाए जाने के दौरान विष्णु व लक्ष्मी को चोटें आईं, जिसके बाद वे बीमार पड़ गए। इसी दौरान वातावरण में बदलाव के कारण हुए संक्रमण ने दोनों के नर्वस सिस्टम पर अटैक कर दिया।
पिछले साल अप्रैल में हैदराबाद से कानपुर जू लाए जाने के दौरान भी चोटिल होने के कारण इन दोनों शेरों की तबीयत बिगड़ गई थी। लक्ष्मी में तब भी संक्रमण के लक्षण पाए गए थे।
अब अन्य शेरों को संक्रमण से बचाने की कवायद सफारी के ब्रीडिंग सेंटर के चौथे ब्लॉक में रह रहे इन दोनों शेरों की हालत बिगड़ने के बाद से तीन और ब्लॉकों में रह रहे छह बब्बर शेरों को संक्रमण से बचाने की कवायद शुरू हो गई है।
रविवार को ऐहतियातन पूरे ब्लॉक को सेनिटाइज कर दिया गया। यहां तक कि पूरे ब्लॉक में आने-जाने वाले डॉक्टरों और सपोर्टिंग स्टाफ को बाकी स्टाफ से अलग किया गया है।
अभी तक नहीं ढूंढ पाए संक्रमण के कारण
डॉक्टर इन शेरों की मेडिकल हिस्ट्री खंगाल रहे हैं। हालांकि मथुरा, आगरा, बरेली, वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट देहरादून के विशेषज्ञ अभी तक अनजान संक्रमण के कारणों को नहीं खोज पाए हैं।
वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट देहरादून के विशेषज्ञों से कॉन्फ्रेंसिंग कर जानकारी जुटाई जा रही है। गुजरात के विशेषज्ञों से भी मदद ली जा रही है।
इटावा लॉयन सफारी के दो शेरों में संक्रमण पाया गया है। नर शेर की मूवमेंट नहीं हो पा रही है। पांच डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। फिलहाल लखनऊ जू से भेजे गए बब्बर शेर संक्रमण से दूर हैं।
(यह कहना प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) उप्र के डॉ. रूपक डे का है।)