पुस्तक के बारे में बतातीं मालिनी अवस्थी।
लखनऊ। हजरतगंज स्थित यूनिवर्सल बुकसेलर्स में मंगलवार को लोकगायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी की पहली पुस्तक चंदन किवाड़ पर परिचर्चा हुई। उन्होंने कहा कि किताब में गायन, लेखन, अध्ययन और पारिवारिक रिश्तों का सार है। एक गायिका के रूप में किताब लिखना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं था।
वाणी प्रकाशन ग्रुप से प्रकाशित चंदन किवाड़ पर चर्चा करते हुए मालिनी अवस्थी ने बताया कि किताबों की गहराइयों में जाए बिना इसे समझा नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि डिजिटल दुनिया में भी लोग किताबें पसंद करते हैं।
उन्होंने कहा, हमारे जैसे सैकड़ों लोग किताबें लिख रहे हैं और युवा पढ़ भी रहे हैं। किताब में एक संस्कार के स्वरूप में उनके स्वर्णिम अक्षरों में दर्शाया जाता है। मेरे हृदय की नजर में यह एक एतिहासिक ग्रंथ बन गई है।
कवि यतींद्र मिश्र ने कहा कि मालिनी अवस्थी ने गायिका के रूप में देश ही नहीं, विश्व में भी पहचान बनाई है। अब वह लेखन की दुनिया में भी सफलता हासिल कर रही हैं। गायिका और लेखन से उनके विचारों को समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि वे गाती नहीं, बल्कि उसे संभव जतन से जीती हैं। वह संगीत के भावों को किताब के रूप में लेकर आई हैं।
वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष शुक्ल ने डिजिटल युग में किताबें जीवित रखने के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सल बुकसेलर्स लखनऊ का लैंडमार्क है। इसकी पहचान बहुत पुरानी है। परिचर्चा में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार अवनीश अवस्थी भी मौजूद रहे।