रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को एस्केलेटर (स्वचालित सीढि़यों) और लिफ्ट की सुविधा मिलनी शुरू हो गई है। सुविधाओं का उपयोग करते समय बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में सुरक्षा मानकों का बोर्ड भी लगा दिया गया है, ताकि यात्रियों को असुविधा न हो और दुर्घटनाओं से बचा जा सके। इन सुविधाओं का लाभ लगभग 25 हजार यात्रियों को मिलेगा। इस सुविधा से दिव्यांगों और बुजुर्गों को भी राहत मिलेगी।
रेलवे स्टेशन पर एक प्लेटफार्म से दूसरे पर जाने के लिए दो पैदल पुल बने हैं। इनमें स्टेशन के पश्चिमी छोर पर बने पैदल पुल पर चढ़ने के लिए सीढिय़ों के साथ ही एस्केलेटर और लिफ्ट की सुविधा शुरू हो गई है। करीब डेढ़ साल पहले इन सुविधाओं को शुरू करने के लिए काम शुरू हुआ। उम्मीद जताई गई कि एक साल के भीतर सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी, लेकिन काम में ढिलाई की वजह से सुविधा नहीं मिली थी। प्लेटफार्म नंबर एक और दो-तीन पर छह महीने पहले लिफ्ट बनकर तैयार हो गई। ट्रायल भी लिया गया, एस्केलेटर का काम अधूरा होने से लिफ्ट का उपयोग नियमित रूप से शुरू नहीं हो सका था।
एस्केलेटर को महज प्लेटफार्म नंबर एक पर लगाया गया है, जिसमें दो स्वचालित सीढि़यां लगाई गई हैं। इनमें एक सीढ़ी ऊपर जाने और दूसरी नीचे आने वाली है। इसे तैयार करने में ढिलाई बरती गई। काफी प्रयास के बाद एस्केलेटर तैयार हुआ, लेकिन पहले गुणवत्ता परीक्षण और फिर हैंडओवर प्रक्रिया में देर हुई।
मई के शुरुआत में रेलवे को दोनों सुविधाएं हैंडओवर कर दी गई, लेकिन सुरक्षा मानकों का बोर्ड नहीं लगा। सुरक्षा मानकों का बोर्ड लगते ही दोनों सुविधाएं आम यात्रियों के लिए शुरू कर दी गईं। दिसंबर में ही इन दोनों सुविधाओं को लाभ यात्रियों को मिल जाना चाहिए था, लेकिन किसी न किसी अवरोध और ढिलाई के चलते इतना समय लगा।
रोजाना सफर करते हैं 25 हजार यात्री
शहर के रेलवे स्टेशन से हर रोज 34 ट्रेनें गुजरती हैं, जिनसे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की औसत संख्या 25 हजार है। स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन कुमार की माने तो लखनऊ की ओर से आने वाली ज्यादातर ट्रेनें प्लेटफार्म नंबर दो और तीन पर रुकती हैं। लखनऊ की ओर जाने वाली ट्रेनें प्लेटफार्म नंबर एक पर रुकती हैं। प्लेटफार्म नंबर दो-तीन पर रुकने वाली ट्रेनों से जाने वाले यात्री हों या फिर उन गाडि़यों से आने वाले, उन्हें प्लेटफार्म बदलने के लिए पैदल पुल का सहारा लेना पड़ता है। लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा मिलने से उन्हें राहत मिल गई है।
दिव्यांगों और बुजुर्गों को भी मिली राहत
रेलवे स्टेशन पर एस्केलेटर और लिफ्ट की सुविधा मिलने का लाभ आम यात्रियों के साथ ही बुजुर्गों और दिव्यांगों को मिलेगा। प्लेटफार्म बदलने में सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों और दिव्यांगों को होती है। अब ऐसे लोगों को भी पैदल पुल की सीढिय़ां चढ़ने से राहत मिल जाएगी। व्हील चेयर वाले यात्री लिफ्ट के जरिए आसानी से प्लेटफार्म बदल सकेंगे। भारी बैग लेकर जाने वाले यात्रियों को भी काफी सुविधा होगी। प्लेटफार्म बदलने के लिए रेलवे ट्रैक पार करने वालों में कमी आएगी।
रायबरेली रेलवे स्टेशन पर एस्केलेटर और लिफ्ट दोनों सुविधाएं आम यात्रियों के लिए शुरू हो गई हैं। सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा गया है। दोनों सुविधाओं का लाभ यात्रियों को बिना किसी रुकावट के मिलता रहे, इस पर ध्यान दिया जाएगा।
-एसएम मीणा, अवर अभियंता