लखनऊ। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के रेलवे स्टेशनों पर बिजली की बर्बादी रोकने के लिए एप आधारित सिस्टम लागू होगा। इससे बिजली के उपकरण कंट्रोल किए जा सकेंगे। ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। लखनऊ जंक्शन समेत 18 स्टेशनों पर तीन करोड़ रुपये खर्च कर इसे लगाया जाएगा।
रेलवे स्टेशनों के पंखे नहीं चल रहे हों या फिर दिन में लाइटें जल रही हों। एसी कूलिंग बंद हो या बिजली आपूर्ति बाधित हो। ऐसे में एक क्लिक पर रेलवे प्रशासन को जानकारी मिल जाएगी। इसके बाद कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी उपकरणों को एप से कंट्रोल कर बिजली बचा सकेंगे।
रेलवे प्रशासन की ओर से एप आईआर-नियंत्रक विकसित किया गया है। इससे रेलवे स्टेशनों पर लगे उपकरणों को कंट्रोल कर बिजली की बचत की जा सकेगी। अभी तक बिजली उपकरणों का रखरखाव मैनुअल होता है। इसका फील्ड स्टाफ रजिस्टर तैयार करता है।
रियल टाइम होगी मॉनिटरिंग
रेलवे अफसरों ने बताया कि एप से रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। रेलवे स्टेशन के उपकरण सेंसर से जोड़े जाएंगे और क्रिस के क्लाउड आधारित केंद्रीकृत सर्वर से लिंक करेगा। जो एक क्लिक पर पूरी रिपोर्ट भी तैयार कर लेगा।
इन रेलवे स्टेशनों पर होगा कामअफसरों के मुताबिक पहले चरण में लखनऊ जंक्शन, गोरखपुर जैसे प्रमुख स्टेशन व अमृत भारत स्कीम में पुनर्विकसित हो रहे स्टेशनों के नाम शामिल होंगे। जनवरी में काम शुरू कर दिया जाएगा। दूसरे चरण में पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी व इज्जतनगर मंडल के स्टेशनों में इसे लागू किया जाएगा।