शहर में अलग-अलग जगहों पर रामलीला का मंचन करते कलाकार
लखनऊ। श्री रामलीला समिति गोमतीनगर की ओर से शुक्रवार को पांच दिवसीय रामलीला महोत्सव की शुरुआत हुई। महोत्सव के पहले दिन राम जन्म की लीला के साथ भगवान राम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का मंचन हुआ। ताड़का वध के जरिये भगवान राम के पराक्रम और अहिल्या उद्धार के जरिये उनकी करुणा को दर्शाया गया। कलाकारों ने इन प्रसंगों को संवाद और अभिनय के जरिए प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। वहीं, पुष्प वाटिका के प्रसंग में राम और सीता के प्रथम मिलन की कथा को मंच पर उतारा गया। इसके बाद धनुष यज्ञ की लीला का मंचन हुआ, जिसमें भगवान राम की ओर से शिव धनुष तोड़ने के प्रसंग को प्रस्तुत किया गया। इस दौरान परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। रामायण के इन प्रसंगों के माध्यम से धर्म, मर्यादा, साहस और आदर्श जीवन के संदेश को सामने रखा गया।
इस बार की रामलीला में महिला सशक्तीकरण और स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की पहल की गई। पहल के तहत रामलीला महोत्सव में राम, लक्ष्मण और सीता का किरदार स्थानीय बालिकाएं निभा रही हैं। महोत्सव के पहले दिन पर्वतीय महापरिषद के अध्यक्ष गणेश सिंह जोशी, मुख्य अतिथि और हर्ष ग्रुप के चेयरमैन मोहन राजेश पाठक विशिष्ट के रूप में शामिल हुए। इसके साथ ही प्रो. आरसी पंत, टीएस मनराल, केएन चंदौला, गणेश चंद्र जोशी, महेंद्र सिंह रावत, एनके उपाध्याय, सुमन रावत, राधिका बोरा, भारती कांडपाल, गीता फियाल सहित पर्वतीय समाज के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। अतिथियों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
शहर में अलग-अलग जगहों पर रामलीला का मंचन करते कलाकार
शहर में अलग-अलग जगहों पर रामलीला का मंचन करते कलाकार
शहर में अलग-अलग जगहों पर रामलीला का मंचन करते कलाकार
शहर में अलग-अलग जगहों पर रामलीला का मंचन करते कलाकार
शहर में अलग-अलग जगहों पर रामलीला का मंचन करते कलाकार
शहर में अलग-अलग जगहों पर रामलीला का मंचन करते कलाकार