पुलिस की आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) ने करोड़ों रुपये के कृषि बीज घपले की जांच शुरू कर दी है। ईओडब्ल्यू की पूरी जांच घपले में प्रयोग की गईं असली रसीदों पर आकर टिक गई है। कृषि विभाग और बीज विकास निगम के संबंधित अफसरों से पूछताछ की गई है। साथ ही ईओडब्ल्यू ने जरूरी रिकॉर्ड भी अपने कब्जे में ले लिया है।
कृषि विभाग किसानों को अनुदान पर बीज देने के लिए उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम से इसकी खरीद करता है। वर्ष 2018-19 में बीज निगम से भुगतान के लिए भेजी गई 4 रसीदें संदिग्ध मिलीं तो पिछले वर्षों के रिकॉर्ड की भी जांच की गई। इस घपले का ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से खुलासा किया था।
जांच में सामने आया कि 2011-12 से 2018-19 तक 16.56 करोड़ रुपये का घपला किया गया। बीज विकास निगम को इस राशि का भुगतान तो किया गया, पर किसानों को बीज की आपूर्ति नहीं की गई। शासन ने यह जांच ईओडब्ल्यू को सौंप दी। यह घपला दो सीरीजों की रसीदों से किया गया है। ईओडब्ल्यू यही पड़ताल कर रही है कि ये रसीदें किसने जारी की हैं।