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फैसला आने से पहले बदलने लगा रामनगरी का माहौल, जांच में सख्ती

Fri, 08 Nov 2019 02:42 AM IST
दुष्यंत शर्मा धीरेंद्र सिंह, अयोध्या
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Ayodhya - फोटो : अमर उजाला
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श्रीराम जन्मभूमि मामले पर संभावित फैसले को लेकर अयोध्या नगरी के अंदर का माहौल बृहस्पतिवार को और सख्त दिखा। थाना राम जन्मभूमि मार्ग के बैरिकेडिंग कर हर व्यक्ति की सघन जांच होती रही। 

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स्थानीय लोगों की साइकिल पर दूध-दही के डिब्बे तक खुलवाकर चेक किए गए। मीडिया के कैमरे, बैग तलाशी के बाद आईडी देखकर ही आगे बढ़ने की इजाजत मिल रही थी।

मुस्लिम पक्षकार हाजी महबूब के घर के ठीक सामने राम जन्मभूमि थाने के पीछे स्थित टेढ़ी बाजार मोहल्ले की सभी गलियां-सड़कें बल्लियां गाड़कर बंद की जा रही थीं। 

शिक्षक अनवारुल हसन अपने ठीक घर के सामने रास्ता सील किए जाने से नाराज थे, बोले-कोई बीमार पड़ेगा तो कैसे अस्पताल जाएंगे। वे शुक्रवार को पढ़ाने कैसे जाएंगे। अयोध्या विवाद पर फैसले को लेकर तेजी से बदल रहे माहौल का असर बाजार पर भी होने लगा है। 
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इलेक्ट्रॉनिक्स के बड़े कारोबारी जसबीर सिंह बताते हैं कि माल की खरीद बंद कर दी गई है। अब फैसला आने के बाद ही ऑर्डर होगा। पहले रोजाना ढाई लाख की बिक्री थी, जो बृहस्पतिवार को 50-60 हजार तक हुई। हालांकि आरकेबीके कंपनी के महाप्रबंधक श्रीधर द्विवेदी कहते हैं कि कार ब्रिकी पर ऐसा कोई असर नहीं है। अक्तूबर से बाजार में रौनक है।

लोगों को घरों में कैद नहीं करना चाहिए : हाजी महबूब
बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब ने बैरिकेडिंग को अनावश्यक बताते हुए कहा कि लोगों को घरों में कैद नहीं करना चाहिए, इससे दहशत फैल रही है। पंचकोसी परिक्रमा अभी चल ही रही है कि टेढ़ी बाजार से वशिष्ठ कुंज, दुराहीकुआं, कटरा, सुतहटी आदि मोहल्लों के रास्ते बंद करने का काम शुरू होने से लोग परेशान हैं।

बैरिकेडिंग से न घबराएं, सारी व्यवस्था देगा प्रशासन : डीएम
जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने बताया कि पंचकोसी परिक्रमा समाप्त होने के बाद भीड़ की वापसी हो रही है। अब सुप्रीम कोर्ट से कभी भी फैसला आने की संभावना को देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा बंदोबस्त नए सिरे से सख्त किए जा रहे हैं। विवादित परिसर के पीछे समेत कई इलाकों में बैरिकेडिंग होगी, इससे घबराने की जरूरत नहीं है। कानून-व्यवस्था पहली प्राथमिकता है। लोगों को उनके घर तक इलाज व जरूरत के सामान पहुंचेंगे, इसकी भी पूरी व्यवस्था की जाएगी। आसपास के जिलों के स्कूलों में अस्थाई जेल बनाई गई हैं, जरूरत पड़ी तो अयोध्या में भी ऐसी जेलें बनाई जाएंगी।

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