लोहिया पथ पर चिड़ियाघर के पीछे और डीजीपी कार्यालय मोड़ तक जाने वाले हैदर कैनाल और उससे लगी जमीन को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। यह काम गोमती तटबंध सौंदर्यीकरण की तर्ज पर होगा। यहां नाले की जगह पतली झील दिखेगी। झरना, छोटे-छोटे ब्रिज होंगे।
सौंदर्यीकरण योजना के तहत यहां पर बच्चों के मनोरंजन के इंतजाम, टहलने के लिए पॉथ-वे के साथ ही कई दर्शनीय स्थल भी बनाए जाएंगे।
चिड़ियाघर के दाहिने छोर से डीजीपी कार्यालय पुल तक 44 हजार वर्ग मीटर में सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसमें हैदर कैनाल का क्षेत्रफल 12400 वर्ग का मीटर है। शासन की व्यय समिति ने 88 करोड़ रुपये का बजट भी मंजूर कर दिया है। प्रस्ताव को कैबिनेट की हरी झंडी मिलने के बाद नगर निगम निर्माण शुरू करेगा।
काम पूरा होने में करीब एक साल का समय लगेगा। योजना पूरी होने के बाद लोहिया पथ का जो हिस्सा अभी गंदगी और झाड़ियों से भरा दिखाई देता है, वहां का नजारा पूरी तरह बदल जाएगा।
ये होगी खास बात
हैदर कैनाल के पानी का ट्रीटमेंट करने के लिए आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाया जाएगा ताकि नाले के पानी की दुर्गंध न आए और उसके पानी का उपयोग भी किया जा सके। एसटीपी से शुद्ध होने वाले पानी को कृत्रिम जलाशय में जमा किया जाएगा।
यह होगा खास
पाथ-वे, साइकिल ट्रैक, कृत्रिम जलाशय, झरना, छोटे-छोटे ब्रिज, नहर, विश्राम स्थल, पार्क, वॉच टावर, दर्शनीय स्थल, बच्चों के खेलने झूले।
मामले पर नगर आयुक्त उदयराज सिंह का कहना है कि शासन की व्यय वित्त समिति ने योजना के लिए बजट मंजूर कर दिया है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। जिस तरह से हैदर कैनाल को विकसित कर सुंदर बनाने की योजना बनाई गई है उससे यह शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनेगा।