ग्रामीण क्षेत्र के घरेलू, कृषि एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए लागू की गई एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत विद्युत वितरण खंडों को बकाये का कम से कम 20 फीसदी हर हाल में वसूलना होगा।
इसके साथ ही बड़े-छोटे कस्बों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सभी उपभोक्ताओं को हैंड हेल्ड मशीन के जरिये हर महीने बिल उपलब्ध कराने और बिना मीटर बिजली का इस्तेमाल करने वालों के यहां मीटर लगवाने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया है।
रबी की बोवाई के मद्देनजर ट्रांसफार्मरों को दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। राजस्व वसूली में फिसड्डी अभियंताओं को सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए परफार्मेंस सुधारने को कहा गया है।
पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन संजय अग्रवाल व प्रबंध निदेशक एपी मिश्र ने बृहस्पतिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये फील्ड के अफसरों के कामकाज की समीक्षा की और उनके पेंच कसे।
राजस्व वसूली को लेकर अभियंताओं की क्लास शुरू हुई तो सभी ने ओटीएस के दौरान राजस्व बढ़ाने की बात कहते हुए गर्दन बचाने की कोशिश की।
इंजीनियरों को दी गई कड़ी चेतावनी
प्रबंधन ने अभियंताओं से साफ कह दिया कि हर वितरण खंड में कुल बकाये का कम से कम 20 फीसदी ओटीएस के तहत जरूर वसूल किया जाए वरना कार्रवाई की जाएगी।
पिछले साल के मुकाबले इस साल राजस्व वसूली में पीछे रहने पर बरेली जोन के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा अधिशासी अभियंताओं के साथ-साथ बागपत, मोदीनगर व सोनभद्र समेत कुछ अन्य जिलों के आधा दर्जन से ज्यादा अभियंताओं को कड़ी चेतावनी दी गई।
शीर्ष प्रबंधन ने रबी की बोवाई के मद्देनजर फील्ड के अफसरों को ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मरों को दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए हैं। मिश्र ने कहा, ट्रांसफार्मर की गड़बड़ी के कारण कहीं आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए।
अगर कहीं ट्रांसफार्मर खराब होता है तो उसे तत्काल बदला जाए। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान अग्रवाल व मिश्र का जोर ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बिलिंग और मीटरिंग पर भी रहा।
अधिकारियों ने कहा कि हैंड हेल्ड मशीन से बिलिंग का दायरा बढ़ा कर सभी उपभोक्ताओं को नियमित रूप से बिल भेजने की व्यवस्था की जाए।
बुंदेलखंड के ओवरलोडिंग वाले इलाकों में 24 घंटे बिजली
बुंदेलखंड के कुछ इलाकों में ओवरलोडिंग के कारण शिड्यूल के मुताबिक बिजली न मिलने के मद्देनजर पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने इन क्षेत्रों को लगातार 24 घंटे आपूर्ति का फैसला किया है।
ऐसा इसलिए किया गया है ताकि जहां वितरण नेटवर्क पर क्षमता से ज्यादा लोड है वहां कम से कम 10 घंटे लोगों को बिजली जरूर मिल सके। इसे गुरुवार से ही लागू कर दिया गया है। एमडी एपी मिश्र ने बताया कि ओवरलोडिंग की वजह से बुंदेलखंड के कुछ क्षेत्रों खासकर बांदा और आसपास केइलाकों में लो वोल्टेज की समस्या है।
इसके चलते लोगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। उपभोक्ताओं को कम से कम 10 घंटे बिजली जरूर मिले इसे ध्यान में रखते हुए इन इलाकों में 24 घंटे आपूर्ति का शिड्यूल लागू कर दिया गया है। मिश्र के अनुसार प्रदेश में बिजली आपूर्ति की स्थिति सामान्य है।