लखनऊ। नगर निगम ने जलभराव दूर करने, सड़क मरम्मत और मलबा उठाने जैसे कार्यों के लिए सभी आठों जोनों में करीब 200 कर्मचारी कार्यदायी संस्थाओं से तैनात किए हैं। हालांकि, इनमें से आधे कर्मचारी भी काम पर नहीं आ रहे। कुछ इंजीनियरों के घरों में खाना बना रहे हैं, कुछ गाड़ी चला रहे हैं, जबकि कुछ अन्य कार्यों में लगे हैं।
दो दिन पहले नगर आयुक्त गौरव कुमार ने जोनल गैंग के कर्मचारियों के कामकाज की समीक्षा की। इस दौरान कोई भी इंजीनियर सही जवाब नहीं दे पाया। नगर आयुक्त ने इस पर नाराजगी जताई और बायोमीट्रिक या 311 एप से हाजिरी लगाने के बाद ही भुगतान का आदेश दिया है। हाजिरी का सत्यापन संबंधित अवर अभियंता और सहायक अभियंता करेंगे। इससे इंजीनियरों में हड़कंप मच गया है।
नगर निगम में सड़क निर्माण और मरम्मत जैसे कार्य आमतौर पर ठेके पर कराए जाते हैं। विशेष परिस्थितियों के लिए, नगर निगम ने आठों जोन में 25 से 30 लाख रुपये मासिक खर्च पर कार्यदायी संस्थाओं से कर्मचारी तैनात किए हैं। इनका उद्देश्य बारिश के दौरान तत्काल जलभराव दूर करना, मलबा उठाना या गड्ढे भरना है। सूत्रों के अनुसार, आधे से भी कम कर्मचारी काम पर आते हैं, और कुछ तो केवल कागजों पर ही मौजूद हैं। कुछ इंजीनियरों ने इन कर्मचारियों को अपने घरेलू कामों में लगा रखा है। कुछ कर्मचारी सुपरवाइजर बनकर रौब गांठ रहे हैं, जबकि कुछ ठेकेदारी भी कर रहे हैं। कुल मिलाकर, जोनल गैंग के नाम पर घपलेबाजी की जा रही है।
ऐसे खुली पोल
बारिश के दौरान जल निकासी के कार्यों को तत्काल सुनिश्चित करने के लिए नगर आयुक्त गौरव कुमार ने जोनल गैंगों के कार्य की समीक्षा बैठक की। इसमें आठ जोनल इंजीनियरों में से कोई भी यह नहीं बता पाया कि जोनल गैंग के कर्मचारियों से क्या काम कराया जा रहा है। नगर आयुक्त ने कर्मचारियों के नाम सहित सूची और उनके किए गए कार्यों की रिपोर्ट मांगी है।
लापरवाह फर्म काली सूची में
हैदरगंज तृतीय वार्ड में नाला सफाई का काम फर्म जीटी ट्रेडर्स को दिया गया था। आदेश जारी होने के बाद भी नाले की सफाई नहीं हुई। इस लापरवाही के कारण नगर निगम ने फर्म को काली सूची में डाल दिया है।
Iजोनल गैंग क्या काम कर रहा है उसको लेकर जोनल अभियंताओं से रिपोर्ट मांगी गई है। कामकाज बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे बारिश में जल निकासी की व्यवस्था बेहतर रखी जा सके। I
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- गौरव कुमार, नगर आयुक्तI