लखनऊ। पीजीआई के रायबरेली रोड स्थित पं. दीन दयाल उपाध्याय पार्क के पास मंगलवार शाम इंजीनियर युवती सौम्या कश्यप के आत्मदाह के मामले में कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस ने युवती के मोबाइल को कब्जे में ले लिया है। हालांकि पैटर्न लॉक होने के कारण वह खुल नहीं सका था। पुलिस ने एक्सपर्ट को जांच के लिए भेजा है। पुलिस के मुताबिक, मोबाइल से ही उसके आत्मदाह करने का राज खुलेगा। दूसरे दिन भी परिवारीजनों ने कोई आरोप नहीं लगाया है।
प्रभारी निरीक्षक पीजीआई आशीष द्विवेदी के मुताबिक, सौम्या मूलरूप से सीतापुर सदर कोतवाली इलाके की निवासी थी। उसकी मां सीमा कश्यप और पूरा परिवार मड़ियांव के छठा मील के पास रहता था। चार साल पहले ही यहां पर पूरा परिवार शिफ्ट हुआ था। सीमा व उनके पति दोनों प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं। मां सीमा ने पुलिस को बताया कि मंगलवार शाम करीब चार बजे सौम्या घर पर ही थी। उसने अपने पिता को बोला कि अभी दस मिनट में वापस आ जाएगी। घर से स्कूटी लेकर निकली थी। उसने अपना मोबाइल भी घर पर ही छोड़ दिया था। जब पुलिस ने उनके परिवार से संपर्क किया तो सौम्या के आत्मदाह करने की जानकारी हुई।
मोबाइल लॉक तोड़वाने के लिए बुलाया एक्सपर्ट
पुलिस ने सौम्या के मोबाइल को अपने कब्जे में ले लिया है। उस पर पैटर्न लॉक लगा रखा है जिससे उसका लॉक खुला नहीं है। पुलिस ने मोबाइल एक्सपर्ट को बुलाकर लॉक तोड़वाने की व्यवस्था कर रही है। वहीं मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। वहां से बरामद स्कूटी और जहां आग लगाई थी, वहां से नमूने जुटाए हैं। पुलिस के मुताबिक, परिवारीजनों ने कोई आरोप नहीं लगाया है। सौम्या मड़ियांव से पीजीआई कैसे पहुंची। इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि पीजीआई इलाके में सौम्या की मौसी रहती हैं। हालांकि मड़ियांव से पीजीआई पहुंचने के बीच ढाई घंटे तक सौम्या कहां थी। किससे मिली। इस दौरान ऐसा क्या हुआ जिसके बाद उसने खुद को आग के हवाले कर लिया। पुलिस इन बिंदुओं पर पड़ताल कर रही है।