उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) में 48 अभियन्ता और 3 राजस्व अधिकारी नियमों के विपरीत प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत है। इतना ही नहीं सेवानिवृत्त अधिकारियों से महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य कराया जा रहा है। संविदा कर्मियों को निर्धारित मानदेय से अतिरिक्त नियम विरुद्ध मानदेय का भुगतान किया जा रहा है। औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी ने निजी सचिव प्रहलाद पटेल के जरिये यूपीडा के सीईओ नरेंद्र भूषण को पत्र लिखकर नियम विरुद्ध तैनात अभियन्ताओं को हटाने के निर्देश दिए हैं।
नंदी के निजी सचिव प्रहलाद पटेल ने मंत्री की ओर से लिखे गए पत्र में खुलासा किया है कि यूपीडा में 48 अभियन्ता और 3 राजस्व अधिकारी प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त होने के बाद भी लगातार कार्य कर रहे हैं। यूपीडा की ओर से प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त होने के बाद लोक निर्माण विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सहित अन्य संस्थाओं से इंजीनियर प्रतिनियुक्ति पर लेने का प्रयास नहीं किया गया। एक बार प्रयास भी किया गया तो मात्र 11 अवर अभियन्ताओं की जगह नए अभियन्ता प्रतिनियुक्ति पर लेने का प्रयास किया गया। यूपीडा की ओर से प्रतिनियुक्ति के लिए विज्ञापन भी जारी नहीं किया गया। उन्होंने दो महीने में नए अभियन्ताओं को प्रतिनियुक्ति पर तैनात कराने, पांच वर्ष से अधिक समय से कार्य कर रहे अभियन्ताओं को हटाने और मामले में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने यूपीडा के अधिष्ठान संबंधी संवेदनशील कार्य में तैनात सेवानिवृत्त अधिकारी को हटाकर डिप्टी कलेक्टर या प्रशासनिक अधिकारी को तैनात करने की संस्तुति की है। उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय और लखनऊ खंडपीठ में पैरवी के लिए नियुक्त अधिवक्ता महेश चंद्र चतुर्वेदी को प्रति केस 1,75,000 और एसबी पांडेय को 1,50,000 रुपये के भुगतान को भी औचित्यपूर्ण नहीं माना है। उन्होंने एनजीटी में पैरवी के लिए नियुक्त अधिवक्ता प्रांशुल चंद्र को भी 50,000 रुपये के भुगतान पर सवाल उठाए हैं।
महाप्रबंधक अनिल पांडेय और एनएन श्रीवास्तव को नियम विरुद्ध भुगतान
औद्योगिक विकास मंत्री के निजी सचिव ने यूपीडा के महाप्रबंधक सिविल अनिल कुमार पांडेय को मानदेय के अतिरिक्त 70,000 रुपये, महाप्रबंधक सिविल एनएन श्रीवास्तव को मानदेय के अतिरिक्त 40,000 और विशेष कार्याधिकारी को 17.838 रुपये और दो कर्मचारियों को मासिक मानदेय के अतिरिक्त 10,000 रुपये मासिक मानदेय अतिरिक्त भुगतान किया जा रहा है। मंत्री ने सवाल उठाए हैं कि किस शासनादेश के तहत मानदेय के अतिरिक्त राशि और पेट्रोल प्रतिपूर्ति का मनमाना भुगतान किया गया। उन्होंने मामले में स्पष्ट रिपोर्ट तलब की है।
संविदा पर तैनात अनूप श्रीवास्तव को 1,40,000 रुपये, किशोर पांडेय को 1,25,000, बीएल दुबे को 1,25,000 प्रति माह भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने वेतन निर्धारण के आधार को तर्कसंगत नहीं माना है। मीडिया सलाहकार दुर्गेश उपाद्याय को प्रति माह 1,25,000 रुपये मानदेय भुगतान को भी कार्य की तुलना में अत्यधिक माना है। उन्होंने पुनः विज्ञप्ति निकालकर मीडिया सलाहकार की नियुक्ति कराने के निर्देश दिए हैं।